अमृतसर में रिश्वत लेते पकड़ा गया कैशियर: बिजली कनेक्शन के लिए मांगे थे पैसे!

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पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। आज अमृतसर स्थित पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के कार्यालय में तैनात हेड कैशियर, दविंदर सिंह, को 50,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी एक नागरिक की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसने आरोप लगाया था कि दविंदर ने उसके व्यवसायिक बिजली मीटर लगाने के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार ने अपने व्यवसायिक स्थल शक्ति नगर, अमृतसर पर बिजली मीटर लगाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन के संबंध में दस्तावेज़ों की तैयारी हेतु दविंदर सिंह ने उससे बड़े पैमाने पर रिश्वत की मांग की। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया। इसके बाद, प्रारंभिक जांच के उपरांत विजिलेंस टीम ने आरोपित को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

जाल बिछाने के दौरान, दविंदर सिंह को शिकायतकर्ता से पैसे लेते समय दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में गिरफ्तार किया गया। यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा किए जा सकें। इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने अमृतसर रेंज में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद दविंदर सिंह को कल अदालत में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने फिर से यह साबित कर दिया है कि सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई निरंतर जारी है। इसने आम नागरिकों को प्रेरित किया है कि वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाएं और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराने से न हिचकिचाएं। विजिलेंस ब्यूरो की सक्रियता से यह उम्मीद की जा सकती है कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आएगी और लोगों का भरोसा सरकारी तंत्र पर बढ़ेगा।

इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से ले रही है और भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए तत्पर है। आने वाले समय में ऐसे और मामलों की जांच की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी सेवाएं सही तरीके से और बिना किसी दुरुपयोग के जनता तक पहुंचें।