पटियाला: भाजपा नेता परनीत कौर भूख हड़ताल पर, महिलाओं का पुलिस खिलाफ धरना!

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पंजाब के पटियाला में भाजपा नेता परनीत कौर ने पुलिस लाइन के बाहर भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी है। यह कदम उन्होंने पंचायती चुनाव के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई न करने के खिलाफ उठाया है। इस धरने में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंद्र कौर और अन्य भाजपा नेता भी शामिल हैं, जो एसएसपी ऑफिस के सामने अपना विरोध प्रकट कर रहे हैं। इन नेताओं का कहना है कि प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए और दोषियों को दंडित करना चाहिए।

पंचायती चुनाव के दौरान, सनौर के गांव खुड्डा में हुई गोलीबारी में एक युवा घायल हुआ था, जिससे भाजपा नेताओं में गहरी नाराजगी है। उनकी मांग है कि इस गोलीबारी के आरोपी की पहचान की जाए और उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए। परनीत कौर और उनके सहयोगियों का मानना है कि अगर पुलिस ने उचित कदम नहीं उठाए, तो जनता का विश्वास प्रशासन पर से उठ जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल न्याय की मांग करने के लिए की जा रही है और इससे उनकी पार्टी का जनता के प्रति समर्पण प्रदर्शित होता है।

हालांकि, परनीत कौर यह नहीं पहली बार ऐसा कर रही हैं। इससे पहले भी वह सनौर में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए धरना प्रदर्शन कर चुकी हैं। उस समय भी उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस प्रकार के धरने केवल एक राजनीतिक कदम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

इस भूख हड़ताल की वजह से स्थानीय पुलिस और प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि यह मामला मीडिया में भी प्रमुखता से आ चुका है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई, तो वे और भी बड़े पैमाने पर आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। उनका यह विचार है कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारियों का सही प्रदर्शन करना चाहिए, ताकि ऐसा कोई भी घटना फिर से न हो।

इस आंदोलन ने पंजाब की राजनीतिक पृष्ठभूमि में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के नेताओं का यह कहना है कि यह केवल चुनावी राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा और कानून व्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर किस प्रकार की कार्रवाई करता है और क्या भाजपा के नेताओं की चिंताओं का उचित समाधान पेश किया जा सकेगा।