पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जेल से लिए गए इंटरव्यू के मामले में सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई की। कोर्ट ने इस मामले में अपनी सख्ती दिखाई है और पूछा है कि पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने किस आधार पर पहले यह कहा था कि लॉरेंस का इंटरव्यू पंजाब में नहीं हुआ। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी पूछा कि बार-बार लॉरेंस को पंजाब क्यों लाया जा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि इस इंटरव्यू के पीछे पुलिस की मिलीभगत संभव है।
सुनवाई के दौरान, पुलिस द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत किए गए उत्तर में उल्लेख किया गया कि इस मामले में डीएसपी स्तर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, लेकिन कोर्ट ने सवाल उठाया कि क्या एसएसपी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई की गई है। हाईकोर्ट ने एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) से कहा कि उन्होंने यह तो बताया है कि लॉरेंस का इंटरव्यू कहां हुआ, लेकिन इंटरव्यू का उद्देश्य अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने एक बार फिर से एसआईटी का गठन किया है, जिसमें स्पेशल डीजीपी प्रबोध कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है।
दूसरी ओर, पहले इंटरव्यू में लॉरेंस बिश्नोई ने सिद्धू मूसेवाला के कत्ल की जिम्मेदारी ली थी। यह इंटरव्यू 14 मार्च 2023 को प्रसारित हुआ था, जिसमें लॉरेंस ने कहा था कि मूसेवाला गैंगवार में शामिल हो गया था। इसके अलावा, लॉरेंस ने अपने दूसरे इंटरव्यू में दावा किया था कि जेल में रहते हुए भी उसके पास मोबाइल फोन पहुँच जाता है। उसने बताया कि जेल की बैरकों में रात को सुरक्षा गार्ड की संख्या कम होती है, जिससे वह कॉल कर सकता है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने पिछले दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया था कि लॉरेंस का इंटरव्यू बठिंडा या पंजाब की किसी जेल से नहीं हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब लॉरेंस को बठिंडा जेल लाया गया, तो उसके बाल कटे हुए थे और दाढ़ी-मूँछें नहीं थीं, जिससे यह प्रमाणित होता है कि इंटरव्यू की स्थिति संदिग्ध है।
इस पूरे मामले में अगली सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की गई है। पिछले सुनवाई पर कोर्ट ने मोहाली कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी। इससे पहले, पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर के इंटरव्यू के मामले में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसमें डीएसपी से लेकर हेड कॉन्स्टेबल रैंक तक के अधिकारी शामिल हैं। इन मामलों की जाँच अब राजस्थान पुलिस भी कर रही है, जिससे पूरे प्रकरण की गहराई को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस प्रकार, लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ चल रहे मामलों की जांच और पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह सुनवाई काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हाईकोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णयों से इस मामले की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।