लुधियाना: टैक्सी चालकों के बीच सिविल अस्पताल के बाहर भड़की हिंसक झड़प!

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लुधियाना के सिविल अस्पताल में देर रात एक बड़ा हंगामा देखने को मिला, जब दो पक्षों द्वारा हुई मारपीट के बाद दोनों पक्ष अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए पहुंचे। मामला इतने बढ़ गया कि अस्पताल के सामने दोनों गुटों के बीच झड़प शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक पक्ष ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और आरोप लगाया कि पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ दिया। ऐसे में पुलिस कर्मियों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर आना पड़ा। काफी प्रयासों के बाद पुलिस ने मामले को शांत कराया। घायल युवक को गंभीर हालत में डीएमसी अस्पताल में भर्ती किया गया है।

गौरतलब है कि यह विवाद शेरपुर चौक पर स्थित टैक्सी स्टैंड और सवारियों को लेकर शुरू हुआ था। सुखविंदर सिंह ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हनी-मनी नाम का युवक अपने साथियों के साथ मिलकर गुंडागर्दी से अपनी टैक्सियों में सवारियां भरता है। उन्हें समझाने के बावजूद ये लोग नहीं मानते थे। सुखविंदर ने कहा कि आज हनी-मनी और उसके कुछ बाहरी दोस्तों ने उनके भतीजे नमित भल्ला पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान चौक पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए, जिससे वहां अफरातफरी मच गई।

सुखविंदर ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस बारे में पुलिस चौकी शेरपुर में सूचना दी, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। हमलावर घटना के बाद सीधे सिविल अस्पताल पहुंचे और वहां भी धमकाने का कार्य किया। उन्होंने चौकी इंचार्ज हरपाल सिंह पर भी आरोप लगाया कि वह हमलावरों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। सुखविंदर ने बताया कि उनकी बाबा कैब नाम की टैक्सी सर्विस है, जिसमें रोजाना गाड़ियों को उनके नंबर के अनुसार भरा जाता है, लेकिन हनी-मनी और उसके साथी धक्केशाही से गाड़ियां भरते हैं।

घायल युवक नमित भल्ला ने भी अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि हमलावरों ने टेक्सी यूनियन के प्रधान वरिंदर को भी धमकाने का प्रयास किया और उसे तेज धार हथियारों और बेसबॉल के डंडों से पीटा। नमित के सिर पर 21 टांके लगे हैं, और उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वह हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करें। दूसरी ओर, हनी ने अपनी सफाई में कहा है कि नमित भल्ला और उनके साथी गाड़ियों से पैसे इकट्ठे करते हैं और उन्होंने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की है।

इस पूरे घटनाक्रम से न केवल स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है, बल्कि इस प्रकार की गुंडागर्दी से सवाल उठ रहे हैं कि क्या कानून और व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही है। पुलिस प्रशासन को जरूरत है कि वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।