अमृतसर| खालसा कॉलेज सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने मंगलवार को अपने 132वें स्थापना दिवस का उत्सव धूमधाम से मनाया। प्राचार्य डॉ. इंद्रजीत सिंह गोगोआनी के मार्गदर्शन में, विद्यार्थियों ने पहले श्री चौपाई साहिब जी का पाठ किया और इसके बाद कीर्तन का आयोजन किया गया। स्कूल के अध्यक्ष सत्यजीत सिंह मजीठिया और सचिव राजिंदर मोहन सिंह छीना ने इस अवसर पर एक संदेश जारी करते हुए सभी कर्मचारियों और छात्रों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
डॉ. गोगोआनी ने समारोह में स्कूल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 22 और 23 अक्टूबर 1893 को टाउन हॉल में एक भव्य सभा का आयोजन किया गया था। उस समय शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्कूल की स्थापना की गई थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उस समय स्कूल के प्रधानाध्यापक मो. मोहन सिंह थे। इस स्कूल के पहले तीन छात्रों में करतार सिंह, मेहर चंद और अब्दुल्ला शामिल थे, जो अलग-अलग धर्मों से संबंधित थे। यह दर्शाता है कि स्कूल की स्थापना के समय से ही धर्मनिरपेक्षता और समानता का विचार प्रमुख था।
स्कूल के प्राचार्य ने यह भी बताया कि खालसा कॉलेज स्कूल 16 एकड़ में फैला हुआ है और इसने अब तक 2800 विद्यार्थियों का भविष्य संवारा है। स्कूल की सुविधाओं का वर्णन करते हुए डॉ. गोगोआनी ने बताया कि वर्तमान में यहां 50 कक्षाएं, 5 प्रयोगशालाएं, प्रोजेक्टर रूम, जूडो और बॉक्सिंग हॉल के साथ-साथ एक बड़ा खेल मैदान भी है। ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों की स्थिर और समग्र विकास में सहायक होती हैं।
इस विशेष अवसर पर विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने अपने टैलेंट का प्रदर्शन किया। छात्रों ने गाने, नृत्य और नाटक का आयोजन कर समारोह को और भी रंगीन बना दिया। प्राचार्य ने छात्रों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यह विद्यालय उन्हें न केवल ज्ञान प्रदान कर रहा है, बल्कि उन्हें एक सफल नागरिक बनाने के लिए आवश्यक कौशल भी सिखा रहा है।
खालसा कॉलेज सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना का यह 132वां वर्ष न केवल अतीत की सुखद यादों को ताजा करता है, बल्कि भविष्य की नई संभावनाओं की ओर भी संकेत करता है। विद्यालय द्वारा दी गई शिक्षा के प्रति समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में निरंतर प्रयास जोड़कर, खालसा कॉलेज एक अग्रणी संस्थान बन चुका है, जो अपने विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक ज्ञान, बल्कि जीवन की महत्वपूर्ण कौशल भी प्रदान करता है।