बरनाला में कांग्रेस का धमाका: काला ढिल्लों की एंट्री, पहले AAP का बड़ा चेहरा!

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बरनाला विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने अपने उम्मीदवार के रूप में जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह काला ढिल्लों का चयन किया है। काला ढिल्लों पार्टी में लंबे समय से सक्रिय हैं और उनके राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण चुनाव में आगे बढ़ाया गया है। उम्र के 50वें वर्ष में प्रवेश कर चुके काला ढिल्लों पेशे से एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं, जिनकी बसों का संचालन पंजाब के विभिन्न रूटों पर होता है। उनके व्यापारिक अनुभव के कारण उन्हें स्थानीय स्तर पर अच्छी पहचान मिली है।

राजनीति में कदम रखने का श्रेय काला ढिल्लों अपने बड़े भाई, स्वर्गीय सीरा ढिल्लों को देते हैं, जिन्होंने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले, काला ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी में भी अपनी गतिविधियाँ संचालित की थीं, जहाँ उन्होंने जिला अध्यक्ष के पद पर कार्य किया। उन्होंने पार्टी के साथ कुछ प्रमुख समय बिताया, जिससे उनके राजनीतिक अनुभव में इजाफा हुआ। हालांकि, जब सुखपाल सिंह खैहरा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ने का निर्णय लिया, तो काला ढिल्लों ने भी उस समय कांग्रेस पार्टी का दामन थाम लिया।

कांग्रेस पार्टी की नजरें बरनाला विधानसभा उप चुनाव पर हैं, और काला ढिल्लों को पार्टी का सबसे मजबूत नेता माना जा रहा है। उनकी स्थानीय पहचान, राजनीतिक अनुभव और व्यापारिक पृष्ठभूमि उन्हें इस चुनावी मुकाबले में विशेष रूप से मजबूत स्थिति में रखती है। कैडर में उनकी लोकप्रियता और स्थानीय मुद्दों की समझ उन्हें मतदाताओं के बीच एक प्रभावी उम्मीदवार बनाती है।

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार को भी तेज कर दिया है, जिसमें काला ढिल्लों के नेतृत्व में पार्टी अपने विकास और स्थानीय जरूरतों को लेकर चर्चा कर रही है। हाल ही में आयोजित कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता और साख ने दूर-दूर के क्षेत्रों में मतदान करने वाले लोगों के बीच एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है। काला ढिल्लों की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के नेताओं का मानना है कि उनकी गहरी जड़ों और समुदाय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता चुनाव में अहम भूमिका निभाएगी।

कुलदीप सिंह काला ढिल्लों का कांग्रेस में आना और फिर से पार्टी के लिए चुनाव लड़ना न केवल क्षेत्र के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है, बल्कि इससे पार्टी की रणनीति और चुनावी सफलता में भी सुधार हो सकता है। उनके व्यवसायिक और राजनीतिक अनुभव का संगम उन्हें एक मजबूत आधार देता है, जो आगामी चुनावों में कांग्रेस पार्टी के लिए एक मजबूती प्रदान कर सकता है।