पंजाब के मुक्तसर में पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी यूनियन ने राज्य सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष को फिर से तेज करने की घोषणा की है। इस संबंध में बुधवार को डीसी कार्यालय के बाहर एक गेट रैली का आयोजन किया गया। रैली की अध्यक्षता यूनियन के महासचिव पुष्पिंदर सिंह ने की। वेतन, पेंशन और अन्य अधिकारों को लेकर कर्मियों में बढ़ते रोष को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई बार बैठकें की गईं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने कर्मचारियों की प्राथमिक मांगों को अनसुना किया है।
पुष्पिंदर सिंह ने बताया कि मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की कुछ प्रमुख मांगें हैं, जिनमें पुरानी पेंशन योजना की पुनर्स्थापना, वेतन आयोग का बकाया निपटाना, महंगाई भत्ता का बकाया भुगतान, और खाली पदों को भरने की मांग शामिल हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों की उदासीनता से वे निराश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करके समाधान निकालना चाहिए, अन्यथा कर्मचारी और अधिक संगठित तरीके से विरोध करेंगे।
इस मौके पर यूनियन ने आगे की योजना की घोषणा की। 28 अक्टूबर को राज्य में झंडा मार्च निकाला जाएगा और इससे पहले 22 और 23 अक्टूबर को गेट रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, 29 और 30 अक्टूबर को सभी मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर कार्यालयों में कामकाज ठप करने का फैसला कर चुके हैं। यदि इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 8 नवंबर को बरनाला में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
यूनियन के महासचिव ने यह भी कहा कि उनके संघर्ष का मकसद केवल अपने अधिकारों की रक्षा करना है। वह चाहते हैं कि सरकार मान्यता प्राप्त संगठनों की बात सुनें और उनके अपेक्षाओं का सम्मान करे। रैली में बड़ी संख्या में कर्मियों ने भाग लिया, जो इस बात का संकेत है कि सरकार की अनदेखी से कर्मियों में कितना रोष भरा हुआ है।
सरकार को चाहिए कि वह उनकी मांगों को गंभीरता से लेकर सकारात्मक दिशा में कदम उठाए, ताकि कर्मचारियों का विश्वास बहाल हो सके। पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी यूनियन की यह पहल न केवल संगठित संघर्ष को सशक्त बनाएगी, बल्कि इससे अन्य समूहों को भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा मिलेगी। प्रधानमंत्री की ओर से उम्मीद है कि जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।