बठिंडा में महिला संग गिरफ्तार: प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर बेचते, भारी मात्रा में बरामदी!

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पंजाब के बठिंडा शहर में बस स्टैंड चौंकी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण छापेमारी के तहत एक महिला सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के कब्जे से प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर के 374 गट्टू बरामद हुए हैं। ऐसे आरोप हैं कि ये लोग अन्य राज्यों से प्लास्टिक डोर लाकर उन्हें बठिंडा में चुपचाप बेचा करते थे। पुलिस ने इन पर इन्वायरमेंट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

छापेमारी की जानकारी देते हुए बस स्टैंड चौकी के एएसआई जसविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना में यह बताया गया था कि गुरु नानक पुरा मोहल्ले की निवासी महिला, लक्खी कौर और उसका साथी अरूण कुमार प्रतिबंधित प्लास्टिक डोर लाकर उसे बेचते हैं। पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त स्थान पर छापा मारा। इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक डोर बरामद हुए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ करने के लिए रिमांड भी लिया है। पूछताछ का उद्देश्य यह पता करना है कि वे यह प्लास्टिक डोर कहां से मंगाते थे और आगे किसे बेचते थे। इस प्रक्रिया से पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करना चाहती है ताकि उन्हें भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े।

यह मामला पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल वातावरण को नुकसान पहुंचाता है। विभिन्न स्थानों पर प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, और इस प्रकार के मामलों में कार्रवाई करने से प्रशासन की गंभीरता भी दर्शाई जाती है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की चौकसी से अन्य अपराधियों में भय पैदा होगा और इसके चलते लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।

उम्मीद की जा रही है कि इस मामले की जांच के परिणामस्वरूप बठिंडा में प्लास्टिक डोर की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की गिरफ्तारी से स्थानीय निवासियों में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और अन्य आरोपियों के लिए यह चेतावनी होगी कि वे अपनी गतिविधियों को सीमित करें। पुलिस की इस कार्रवाई को एक सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, जो कि पर्यावरण को बचाने और कानून के राज को सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकता है।