खालिस्तानी लिंक: जालंधर में अवैध हथियारों संग बबीहा गैंग के सदस्य गिरफ्तार!

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पंजाब के जालंधर सीआईए स्टाफ ने अवैध हथियार तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तरनतारन, होशियारपुर और जालंधर से जुड़े तीन हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से छह अवैध हथियार और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह गिरफ्तारी एक विशेष अभियान का हिस्सा थी, जिसका संज्ञान जालंधर के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने लिया था। आरोपियों को पकड़ने के लिए सीआईए इंचार्ज सुरिंदर सिंह कंबोज के नेतृत्व में पुलिस ने एक चैकिंग अभियान चलाया, जिसके दौरान रेलवे कॉलोनी के पास संदिग्ध गतिविधियों के चलते इन्हें पकड़ा गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सा, हर्षदीप सिंह और शेखर के रूप में हुई है। इन सभी की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच है और ये बंबीहा गैंग से जुड़े हुए थे। पुलिस ने कहा कि इनके पास से 32 बोर की पांच अवैध पिस्तौल, 12 जिंदा कारतूस और 30 बोर की एक पिस्तौल सहित तीन और जिंदा कारतूस मिले हैं। यह सब हथियार अवैध रूप से सक्रिय थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ये लोग संगठित अपराध को बढ़ावा देने में संलग्न थे।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मुख्य आरोपी हर्षदीप सिंह खुद भी निहंग के बाणें में था और उसकी गिरफ्तारी संगठित अपराध की दुनिया में हड़कंप मचाने के सामान है। इसके अलावा, इस गैंग के साथ अमृतपाल के निजी गनमैन गुरभेज सिंह का लिंक भी सामने आया है। हालांकि, अभी तक अमृतपाल सिंह का सीधा रोल अनुसंधान में नहीं आया है, लेकिन इससे पहले की गतिविधियों में इनका नाम जोड़ा गया था। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

रेड के दौरान विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जो इस क्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क में सम्भावित लिंक दर्शाते हैं। जालंधर सिटी पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की है, जिसमें कई अन्य संदिग्धों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाईयों से न केवल अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगेगी, बल्कि कानून व्यवस्था भी बेहतर होगी।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों को थाने लाने के बाद उनके खिलाफ नवी बारादरी थाने में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की गई है। पुलिस प्रशासन ने इस पूरी कार्रवाई को सकारात्मक रूप से लिया है और यह संकेत दिया है कि आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध हथियारों की तस्करी को रोकना राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती है, और पुलिस ने इस पर कड़ी नजर रखने का आश्वासन दिया है।