आधी रात को लुधियाना में DGP गौरव यादव का दौरा: नाकों पर विशेष चेकिंग और दुर्व्यवहार की जांच!

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पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने लुधियाना में रात में अचानक निरीक्षण किया, जिसमें उन्होंने विशेष नाकों की जांच की। यह निरीक्षण रात करीब 11.30 बजे हुआ, और इस दौरान उनके साथ लुधियाना के पुलिस कमिश्नर कुलदीप चहल और डीसीपी ग्रामीण जसकिरनजीत सिंह तेजा भी उपस्थित थे। डीजीपी यादव के निरीक्षण की सूचना उपरांत, जिले के पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न चौराहों पर पुलिस बल को तैनात कर दिया। पुलिस ने हर चौराहे पर नाकेबंदी शुरू की, जिससे शहर में सुरक्षा बढ़ाई जा सके।

डीजीपी यादव ने चंडीगढ़ रोड पर स्थित एक विशेष चेक पोस्ट पर रुके। वहां उन्होंने वाहनों की चेकिंग कर रहे पुलिस कर्मियों के साथ बातचीत की। उन्होंने वाहन चालकों से भी पूछा कि क्या चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा कोई अशोभनीय व्यवहार किया गया था। इस बातचीत में लोगों ने यह बताया कि पुलिस की मौजूदगी के कारण वे शहर में सुरक्षित महसूस करते हैं। डीजीपी यादव ने यह सुनिश्चित किया कि चेकिंग प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गलतफहमी या परेशानी न हो।

गौरव यादव ने जांच के दौरान वाहनों का भी निरीक्षण किया और पुलिस द्वारा बनाए गए चेकिंग रजिस्टर की स्थिति की भी निगरानी की। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में विशेष चेकिंग अभियान जारी रहेगा, जिससे अपराधियों पर काबू पाने में मदद मिलेगी। इस्सी तरह के अभियानों के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने जनता के बीच विश्वास बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इस विशेष नाके के दौरान, पुलिस ने पांच टू-व्हीलर वाहनों के ट्रिपलिंग के लिए चालान भी किए। इसके अलावा, शराब के नशे में धुत दो युवकों को भी हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करने के लिए थी, बल्कि पुलिस कार्यों के प्रति जनता की जागरूकता को भी बढ़ाने की एक कोशिश थी। पुलिस का यह संयमित और सख्त रवैया निश्चित रूप से अपराधों पर नियंत्रण पाने में सहायक होगा।

गौरव यादव के इस निरीक्षण ने यह स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है और प्रशासनिक सुधारों को लागू करने के प्रति सचेत है। उनकी इस यात्रा से यह संदेश गया है कि पुलिस अपने दायित्वों के प्रति गंभीर है और किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधियों पर नजर रख रही है। यह समाज में सुरक्षा के अहसास को बढ़ाने का एक ठोस प्रयास है, जिसमें एक संजीवनी तत्व के रूप में पुलिस प्रशासन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।