पंजाब में पिछले कुछ समय से सरेआम गोलीबारी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बनी हुई हैं। हाल ही में, अमृतसर में एक युवक ने अपने घर के बाहर गोलियों के कई निशान देखे, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। यह घटना देर रात हुई, जब दो अज्ञात युवकों ने लगभग 2 से 3 बजे के बीच जगजीत सिंह के घर के गेट पर गोलियां चलाईं और बिना किसी का ध्यान आकर्षित किए वहां से फरार हो गए।
सुबह जब जगजीत सिंह ने अपने घर के गेट के पास गोलियों के दस निशान देखे, तो उन्होंने तुरंत अपने सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग चेक की। वीडियो में स्पष्ट था कि दो युवक गली में आए और तड़ातड़ गोलियां चलाईं। उन्होंने बताया कि गोलीबारी की आवाज सुनकर गली के लोग बाहर आ गए थे, लेकिन अंधेरे के कारण किसी को भी सही स्थिति का पता नहीं चल सका था। लोग समझे कि शायद पटाखे चलाए जा रहे हैं। लेकिन जब सुबह गोलियों के निशान देखने को मिले, तो उन्हें वास्तविकता का अहसास हुआ, जिससे उनके परिवार में खौफ का माहौल बन गया।
जगजीत सिंह ने बताया कि करीब छह महीने पहले उन्हें धमकी भरे फोन आए थे, लेकिन उन्होंने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। अब इस घटना ने उनके तथा उनके परिवार के मन में डर पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि गेट पर कोई व्यक्ति होता, तो ऐसा हमला उसकी जिंदगी के लिए खतरा बन सकता था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दावा किया है कि वे स्थिति की जांच कर रहे हैं और सभी पहलुओं पर गौर कर रहे हैं। जगजीत के परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है, इसलिए अधिकारी हर संभावित कोण से जांच कर रहे हैं।
स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की सूचना मिलने के बाद वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुष्टि की कि जांच जारी है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके। यह एक गंभीर सवाल बन गया है कि गैंगवार और अवैध गतिविधियों के कारण पंजाब में इस तरह की घटनाएँ क्यों बढ़ रही हैं।
पंजाब में इस प्रकार की घटनाएँ, जहां गोलियों का चलना अब एक साधारण बात लगने लगा है, न केवल लोगों के सुरक्षा के प्रति चिंता बढ़ा रही है, बल्कि समाज में व्याप्त असुरक्षा की भावना को भी से उजागर कर रही हैं। इस हिंसा को रोकने के लिए राज्य के प्रशासन को कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें और ऐसी घटनाएं पुनः न हों।