शहर के सैलून और कपड़ा व्यापारियों पर जीएसटी विभाग का बड़ा शिकंजा!

Share

जालंधर में फेस्टिवल सीजन के दौरान, स्टेट जीएसटी विभाग ने सैलून और कपड़ा व्यापारियों के खिलाफ एक सर्च अभियान आरंभ किया है। यह अभियान जालंधर डिविजन के डिप्टी कमिश्नर स्टेट टैक्स, दरबीर राज के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जालंधर-1, 2, और 3 के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। इसे बिजनेस टू कस्टमर (बीटूसी) के अंतर्गत देखा जा रहा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी व्यापार قانونی तरीके से जीएसटी का भुगतान कर रहे हैं।

जालंधर-1 की टीम में स्टेट टैक्स अधिकारी मनमोहन सिंह, जसपिंदर पाल सिंह, जसपाल सिंह, अर्शदीप सिंह, करन, और अशोक कुमार शामिल हैं। वहीं, जालंधर-2 क्षेत्र में धर्मेंद्र, अरुणप्रीत सिंह, पवन, अशोक कुमार, सलिंदर सिंह, और कुलविंदर सिंह की ड्यूटी लगी हुई है। जालंधर-3 में नवतेज सिंह, मृणाल शर्मा, परमजीत सिंह, आस्था गर्ग, करनबीर सिंह रंधावा, और शैली इस जांच का हिस्सा हैं। इन टीमों का मुख्य उद्देश्य है यह सुनिश्चित करना कि व्यापारियों द्वारा जीएसटी का सही तरीके से भुगतान किया जा रहा है या नहीं।

फेस्टिवल सीजन का समय सैलूनों और अन्य व्यापारियों के लिए बड़ा व्यावसायिक अवसर लेकर आता है। विशेष रूप से करवा चौथ जैसे त्योहार पर, शहर के कई बड़े सैलून लाखों का कारोबार करते हैं। हालांकि, पूर्व में कई सैलून जीएसटी के नाम पर केवल नाम मात्र का टैक्स सरकार को जमा करते रहे हैं। अब जीएसटी विभाग इस स्थिति को सही करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो व्यापारी नियमों का पालन नहीं करते हैं, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।

जांच के इस अभियान के तहत, अधिकारियों ने बाजारों की भी चेकिंग करने का निर्णय लिया है। जब कोई ग्राहक खरीदारी के दौरान बिल नहीं काटता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। जीएसटी अधिकारियों का ध्यान केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहकों की गतिविधियों पर भी है। ऐसे में, यह स्पष्ट है कि जीएसटी विभाग अपनी दृष्टि को विस्तारित करते हुए सभी पक्षों को कानून के अधीन लाने का प्रयास कर रहा है।

इस प्रकार, जालंधर में जीएसटी जांच का यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है, जो व्यापारिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य के राजस्व को सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों का यह सर्च अभियान व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने कर दायित्वों का सही तरीके से पालन करें, अन्यथा उन्हें भविष्य में कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।