लुधियाना चुनाव में हारी महिला पर FIR: वोटर्स की जानकारी मांगने पर बवाल!

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लुधियाना के जगराओं क्षेत्र में हाल ही में हुए पंचायत चुनावों के दौरान एक गांव मल्ला में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यह घटना उस समय हुई जब चुनाव में हिस्सा ले रहे उम्मीदवारों के लिए मतदान की गिनती अंतर्गत थी। हारने वाली महिला उम्मीदवार ने प्रेजेंटिंग ऑफिसर के साथ इस संबंध में बहस शुरू कर दी। महिला ने पोस्टल अफसर से इस बाबत जानकारी मांगी कि विजेता उम्मीदवार को किस-किस ने मतदान किया है। उनकी इस मांग पर नाराज होकर उन्होंने अफसर से बहस की, जिससे चुनावी प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

अमर कौर नाम की महिला उम्मीदवार को जब अपनी हार का सामना करना पड़ा, तो वह अपने समर्थकों के साथ प्रेजेंटिंग ऑफिसर गुरबख्श सिंह पर भड़क उठी। आरोप लगाया गया है कि हार से आहत महिला ने अफसर के साथ-साथ मतदान दल और पुलिस कर्मियों पर धारदार हथियारों से हमला किया। इस झड़प में एक पुलिसकर्मी को चोटें आईं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज करते हुए महिला उम्मीदवार अमर कौर, चरणजीत सिंह, संदीप सिंह और कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।

गुरबख्श सिंह, जो कि बूथ नंबर 103 के प्रेजेंटिंग ऑफिसर हैं, ने हठूर थाने में अपनी शिकायत में बताया कि जब विजेता बनकर गुरमेल सिंह का नाम घोषित किया गया, तो हारने वाली उम्मीदवार अमर कौर ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को वोट देने वाले मतदाताओं के नाम जानने की मांग की। जब गुरबख्श ने इस जानकारी को देने से इनकार किया, तो अमर कौर और उनके समर्थक उग्र हो गए और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए हमला कर दिया।

पुलिस ने अब अमर कौर और अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में 109, 127 (2), 132, 281, 170, 191 (3), 190, 324 (4), 325 (5) तथा 221 बीएनएस शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे में समाज में यह स्थिति सवाल उठाती है कि किस प्रकार से चुनावी प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और इससे लोकतंत्र पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

अभी पुलिस आगे की जांच कर रही है और गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी चल रही है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि चुनावी माहौल में तनाव और हिंसा की घटनाएं डेमोक्रेटिक प्रक्रियाओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसे में यह आवश्यक है कि सभी संबंधित पार्टियों को सही ढंग से चुनावी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।