ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ना झामुमो की निराशा: अजय साह

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ईवीएम पर हार का ठीकरा फोड़ना झामुमो की निराशा: अजय साह

रांची, 16 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्रकार वार्ता पर बुधवार काे तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भट्टाचार्य ने संवैधानिक संस्थाओं, विशेष रूप से चुनाव आयोग को अनुचित रूप से निशाना बनाया और चुनाव आयोग की गरिमा को गिराने का प्रयास किया है।

अजय साह ने कहा कि हरियाणा चुनाव में मिली हार की समीक्षा करने की बजाय, उन्होंने इसका पूरा ठीकरा ईवीएम पर फोड़ दिया। साथ ही चुनाव आयोग और केंद्रीय जांच एजेंसियों के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों से झामुमो की हताशा और निराशा स्पष्ट हो रही है। यह वही लोग हैं, जिन्होंने ईवीएम के माध्यम से विधायक बनी कल्पना सोरेन को लोकतंत्र की जीत बताया था। लोकसभा में भारी हार के बावजूद अपनी जीती हुई कुछ सीटों को लोकतंत्र की जीत बता रहे थे।

उन्होंने कहा कि झामुमो आज जिस राजद की गोदी में बैठी है वो राजद वही पार्टी है, जिसके शासन में बिहार में बूथ कैप्चरिंग एक सामान्य घटना थी। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कि झामुमो के अंदर कांग्रेस का डीएनए प्रवेश कर रहा है और तभी कांग्रेस की राह पर चल कर ये सवैंधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे है। हेमंत सरकार झारखंड के इतिहास में सबसे भयभीत और सहमी हुई सरकार है और यह भय जनता के भारी आक्रोश की वजह से है ।

साह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर झामुमो द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह दावा कि विधानसभाओं को जानबूझकर इस प्रकार चुनाव में बांटा गया ताकि प्रधानमंत्री का भाषण एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र को प्रभावित कर सके, झूठा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता हैं और यदि वे अमेरिका में भी भाषण देंगे, तो झारखंड के लोग उन्हें सम्मानपूर्वक सुनेंगे। उन्होंने झामुमो द्वारा भाजपा और चुनाव आयोग को “बंटी-बबली” कहकर संबोधित करने की भी आलोचना की और कहा कि झारखंड में एक ही बंटी-बबली है और वो कौन है, यह सब जानते हैं।

साह ने झामुमो पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने झारखंड की जमीन और खनिज संपदा को बेचा, वे आज लोकतंत्र को बेचने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि झामुमो, कांग्रेस और राजद तीनों ही परिवारवादी पार्टियां हैं और ऐसे दलों को लोकतंत्र की रक्षा की बातें करना शोभा नहीं देता। प्रवक्ता ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस्तेमाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने दलाल वकील सुजीत कुमार के मुद्दे को कई बार उठाया है लेकिन राज्य सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि सुजीत कुमार को मोहरा बनाकर ईडी को बदनाम करने की बड़ी साजिश रची जा रही है।

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