अबोहर की नई आबादी में बुधवार की सुबह एक दुखद घटना घटी, जब एक 70 वर्षीय महिला, नसीब कौर, ने नहर में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की। महिला के इस कदम के पीछे की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गई है। नसीब कौर, जो किसी प्रभावशाली परिवार से बताई जा रही हैं, ने कंधवाला रोड पर स्थित नहर में छलांग लगाई, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई।
जब नसीब कौर ने नहर में कूदने का फैसला किया, तभी वहां के आसपास के लोगों ने उसे तुरंत देखा। उन्होंने बिना समय गवाए महिला को नहर में डूबते हुए देखकर मदद के लिए शोर मचाया। स्थानीय निवासियों ने मिलकर महिला को बचाने का प्रयास किया और तुरंत 108 एम्बुलेंस को भी सूचित किया। लेकिन महिला का वजन अधिक होने के कारण उसे बाहर निकालने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि, समय पर एम्बुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें नसीब कौर को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिली।
महिला को नहर से निकालने के बाद, तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके इलाज की प्रक्रियाएं शुरू की गईं। अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में डॉक्टर सनमान मांजी और डॉक्टर सुरेश कंबोज ने उनकी गंभीर स्थिति का सामना करते हुए आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।
इस घटना ने समाज में आत्महत्या के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है, जो हमारे आधुनिक जीवन का एक चुनौतीपूर्ण पहलू बन गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक समस्याएं, और अस्तित्व की चुनौतियां प्रमुख रूप से जिम्मेदार होती हैं। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों को चाहिए कि वे इस दिशा में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में काम करें, ताकि लोगों को समय पर सही सहायता मिल सके।
नसीब कौर के मामले ने न केवल परिवार और दोस्तों को प्रभावित किया, बल्कि आस-पास के निवासियों को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। यह घटना समाज में उन विभिन्न कारणों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देती है, जो व्यक्ति को इस प्रकार के निराशाजनक कदम उठाने पर मजबूर कर सकते हैं। आशा की जाती है कि नसीब कौर जल्दी स्वस्थ हो जाएं और इस घटना के बाद हमें समग्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए।