कपूरथला पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए पंजाब के विभिन्न जिलों में फिरौती मांगने वाले गैंग से जुड़े एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह गैंग लखविंदर लांडा ग्रुप और गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के साथ जुड़ा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बलविंदर सिंह उर्फ बिल्ला को गांव फत्तू ढिंगा के निकट नाकाबंदी के दौरान गिरफ्तार किया। SSP वत्सला गुप्ता ने बताया कि बलविंदर सिंह, अमृतसर के हरशा छीना गांव का निवासी है, और यह आरोपी कई आपराधिक तत्वों के लिए काम करता है, जिसमें लूटपाट और फायरिंग शामिल हैं।
बलविंदर की गतिविधियों में लोगों को वॉट्सऐप के माध्यम से धमकी देकर फिरौती मांगना भी शामिल था। पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत उसे पकड़ लिया और उसके पास से 7.65 एमएम की एक पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। यह मामला तब शुरू हुआ जब बलविंदर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले वर्ष 29 दिसंबर को कपूरथला के गांव कोकलपुर में एक सरपंच के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर डर का माहौल बना दिया था। पुलिस ने उस समय से आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी और विभिन्न टेक्निकल टीमों के माध्यम से उसे पकड़ने का प्रयास कर रही थी।
पुलिस की कड़ी मेहनत और लगातार प्रयासों के फलस्वरूप, बलविंदर सिंह को पकड़ने में सफलता मिली। SSP वत्सला गुप्ता ने बताया कि आरोपी से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। इससे पहले भी कपूरथला पुलिस ने लांडा ग्रुप के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनके पास से अवैध हथियार बरामद किए गए थे। इसके साथ ही, पुलिस ने यह भी जानकारी दी है कि बलविंदर के दो अन्य साथियों को हाल ही में तरन तारण पुलिस ने गिरफ्तार किया है और जल्द ही कपूरथला पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट के तहत लाने की योजना बना रही है।
गौरतलब है कि यह गैंग सोशल मीडिया के माध्यम से आपस में संपर्क रखता है और विदेश में बैठे कई गैंगस्टरों के लिए फिरौती मांगने के लिए काम करता है। यह पूरी स्थिति पुलिस के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ऐसे अपराधी संगठनों की गतिविधियां समाज में भय का माहौल बनाती हैं। अब पुलिस इस गैंग के चक्र को तोड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठाने का प्रयास कर रही है। इस अपराध से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि सभी शामिल तत्वों को पकड़ा जा सके और उन्हें सख्त सजा दिलाई जा सके। पुलिस की यह कार्रवाई न केवल क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में भी सहायक सिद्ध होगी।