चंडीगढ़ प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आगामी दशहरा, दिवाली और गुरुपर्व के अवसर पर पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति दी है। यह निर्णय प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में लिया गया था, जिसमें स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण को बनाए रखने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। इस नई पहल के तहत, चंडीगढ़ के निवासी निर्धारित समय सीमा में ग्रीन पटाखों के साथ अपने त्योहारों को मनाने का आनंद ले सकेंगे।
ग्रीन पटाखों की अनुमति प्रदान करने के संदर्भ में, विभिन्न त्यौहारों के लिए पटाखों के उपयोग की एक समय-सारणी भी जारी की गई है। यह विशेष ध्यान देने योग्य है कि ग्रीन पटाखों की पहचान और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए, इन्हें वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की सहायक संस्था राष्ट्रीय पर्यावरण और इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) द्वारा अनुमोदित किया जाना जरूरी है। पारंपरिक पटाखों की तुलना में ग्रीन पटाखों से होने वाला उत्सर्जन बहुत कम होता है, जिससे वे पर्यावरण के लिए ज्यादा अनुकूल बने रहते हैं।
विक्रेताओं के लिए ग्रीन पटाखों की बिक्री के संबंध में एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। उन्हें डीसी कार्यालय से ऑनलाइन मोड के माध्यम से आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त करनी होंगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ विक्रेताओं को सुविधा भी प्रदान करेगी। सरकार की इस नई पहल का स्पष्ट उद्देश्य न केवल त्योहारों के दौरान उत्सव मनाना है, बल्कि वायु गुणवत्ता को भी सुरक्षित रखना है।
इस निर्णय के पीछे प्रशासन का दृष्टिकोण स्पष्ट है — लोगों को त्योहारों का आनंद उठाने का अवसर प्रदान करना और साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा करना। समय में परिवर्तन लाते हुए, ग्रीन पटाखों के उपयोग से एक नई परंपरा स्थापित करने की दिशा में यह कदम बढ़ाया गया है, जिसने भविष्य में अन्य शहरों के लिए एक उदाहरण पेश किया है।
आशा है कि इस पहल का स्वागत जनता द्वारा किया जाएगा और लोग इस दिशा में अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। ग्रीन पटाखों के उपयोग का यह निर्णय न केवल वातावरण को सुरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वच्छ और सुरक्षित जीवन शैली का निर्माण करेगा। इस दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन का यह कदम अन्य शहरों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है। इस प्रकार, त्योहारों का उल्लास मनाते समय पर्यावरण के प्रति जागरूक रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।