फाजिल्का के गांव हस्तकलां में हाल में हुए पंचायत चुनाव के दौरान एक अद्भुत दृश्य सामने आया, जब सरपंच के पद के लिए उम्मीदवार प्रीतम सिंह एक रोड रोलर पर बैठकर वोट मांगने पहुंचे। यह घटना स्थानीय निवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई और उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। प्रीतम सिंह ने बताया कि उनका चुनाव चिन्ह रोड रोलर है, इसलिए उन्होंने इसके साथ प्रचार करने का यह अनूठा तरीका अपनाया। उनका मानना है कि यह तरीके से वे लोगों को यह दिखा सकें कि अगर वे चुनाव जीतते हैं, तो अपने वादों को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
प्रीतम सिंह ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में उनकी यह पहल केवल प्रचार नहीं, बल्कि उनकी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि रोड रोलर पर बैठकर उन्होंने चुनावी प्रचार करने का निर्णय इसलिए लिया, ताकि वे अपने चुनाव चिन्ह के प्रति अपनी वचनबद्धता को दर्शा सकें। यह उनके लिए एक संदेश है कि यदि वे जनता के सहयोग से सरपंच बनते हैं, तो वे अपने वादों को साकार करने में सक्षम होंगे।
उम्मीदवार ने यह भी साझा किया कि यदि लोग उन्हें अपने मतों से जीतते हैं, तो उनकी प्राथमिकताओं में गांव का विकास और बेरोजगारी का समाधान प्रमुख है। प्रीतम सिंह का कहना है कि वह न केवल गांव के विकास के लिए योजनाएं बनाएंगे, बल्कि बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी काम करेंगे। उनका यह वादा गांव के सभी निवासियों के लिए एक प्रेरणा बनने की संभावना रखता है।
वहीं, प्रीतम ने यह भी स्पष्ट किया कि गांव की समस्याओं के समाधान के लिए जब भी कोई निर्णय लिया जाएगा, तब उसे सभी पंचों और मतदाताओं की उपस्थिति में ही पारित किया जाएगा। वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी ग्रामीणों की आवाज को सुना जाए और किसी भी निर्णय का प्रभाव उनके हित में हो। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जल, वायु और भूमि की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का वादा भी किया और समाज में नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
इस तरह, प्रीतम सिंह का अनोखा चुनावी प्रचार केवल एक साधारण प्रमोशनल एक्ट नहीं, बल्कि उनके द्वारा ग्रामीणों के समक्ष रखे गए महत्वपूर्ण मुद्दों का भी एक प्रतीक बन गया है। उनका यह प्रयास दिखाता है कि सरपंच बनने का उनका सपना सिर्फ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि गांव के हर व्यक्ति के विकास के लिए एक संकल्प है। ऐसे चुनावी नज़ारे लोगों के बीच उत्साह और जागरूकता का संचार करते हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण हैं।