नवरात्रि में जालंधर में रामलीला पर पत्थरबाजी, पंडाल में मची अफरा-तफरी!

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पंजाब के जालंधर शहर में पन्नू विहार के समीप नवरात्रि के मौके पर आयोजित होने वाली रामलीला के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां हथियारबंद हमलावरों ने एक मंदिर पर घातक हमला किया। हमले की वजह यह बताई जा रही है कि आरोपियों को एक प्रवासी व्यक्ति के साथ मारपीट करने से रोका गया था, जिससे वे आक्रोशित हो गए। इस हमले में कुछ युवकों को हल्की चोटें भी आई हैं। इस घटना के समय पूर्व विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता शीतल अंगुराल भी मौके पर उपस्थित थे। पुलिस ने रात के वक्त एक युवक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।

घटना की जानकारी के अनुसार, यह हमलावर जालंधर वेस्ट हलके के पन्नू विहार में मौजूद थे। नवरात्रि के अवसर पर वहां माता दुर्गा की पूजा आयोजित की जा रही थी। पूजा के दौरान कुछ युवकों ने अचानक पंडाल में घुसकर उपद्रव मचाना आरंभ कर दिया। जब उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तब उन्होंने हथियारों का इस्तेमाल करते हुए हमला कर दिया और मंदिर के भीतर तोड़फोड़ की। स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही फौरन मौके पर भेजा गया, ताकि स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके। पुलिस ने वहां पहुंचकर बयान दर्ज किए और हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

पन्नू विहार के निवासी सुनील ने स्पष्ट किया कि रामलीला का आयोजन एक कमेटी द्वारा किया जा रहा था, जो नवरात्रि के अवसर पर रोजाना की तरह जारी था। हमले के समय मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। खबरों के अनुसार, लगभग दस हमलावरों ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया था। हमलावरों का गुस्सा इस बात पर था कि उन्हें पहले एक प्रवासी से मारपीट करने से रोका गया था।

इस घटना के कारण मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लोग भयभीत हो गए। हमलावरों ने यहां तक कि रामलीला के मंच पर पथराव भी किया, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। सुनील का कहना है कि ये आरोपी उसी मोहल्ले के निवासी हैं, जिससे ज्ञात होता है कि मामला व्यक्तिगत रंजिश से भी जोड़कर देखा जा सकता है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस तरह की वारदातों पर रोक लगाई जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह घटना न केवल धार्मिक उत्सव के दौरान हुई असुरक्षा को दर्शाती है, बल्कि यह समाज के अंदर की समस्याओं को भी उजागर करती है। ऐसे समय में जब लोग त्योहारों को मनाने के लिए एकत्रित होते हैं, ऐसी घटनाएं वास्तव में चिंता का विषय बन जाती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मामले की गहनता से जांच आवश्यक है ताकि इस तरह की घटनाओं से समाज की सुरक्षा को खतरा न हो।