खन्ना अस्पताल में युवक की खुदकुशी: सुसाइड नोट में लिखा- ‘डैडी, मुझसे न हो सका!’

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लुधियाना जिले के खन्ना स्थित माछीवाड़ा साहिब में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 22 वर्षीय युवक, जसप्रीत सिंह ने एक निजी अस्पताल में आत्महत्या कर ली। मृतक का संबंध राणवां गांव से है और उसने अपने जीवन की आखिरी सांस एक सुसाइड नोट के साथ ली, जिसमें उसने किसी भी व्यक्ति को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया। इस नोट के अंत में उसने अपने पिता को अंकित किया है, “डैडी, सॉरी मैं काबिल नहीं बन पाया।”

जसप्रीत सिंह अपने परिवार में इकलौता भाई था, और उसकी दो बहनें हैं। वह पिछले छह वर्षों से अस्पताल में काम कर रहा था और परिवार का खर्च इसी नौकरी से चलाता था। घटना के दिन, जसप्रीत ने अपनी माता-पिता को दवाइयाँ देने के बाद अस्पताल में अपनी ड्यूटी शुरू की। सुबह-सुबह उसने मरीजों को ड्रिप लगाई और इसके बाद गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने गया। उसके बाद वह अस्पताल के कमरे में पंखे से लटकते हुए पाया गया।

इस घटना के बारे में दिलीप सिंह, जसप्रीत के पिता के मित्र ने बताया कि जसप्रीत का काम उनके बेटे के साथ था और वह हमेशा समर्पित कर्मचारी रहा है। दिलीप ने यह भी कहा कि सुबह जब वह जसप्रीत को फंदे पर लटका हुआ देखा, तो उसने फौरन उसे नीचे उतारकर पास के अस्पताल ले जाने की कोशिश की। लेकिन वहां पहुंचने पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिलीप ने इस बात की चिंता जताई कि जसप्रीत ने ऐसा कदम क्यों उठाया, जबकि वह पिछले छह वर्षों से बिना किसी समस्या के काम कर रहा था।

माध्यमिक विभाग का कहना है कि इस संवेदनशील मामले पर एसएचओ पवित्र सिंह सक्रियता से जांच कर रहे हैं। जब उन्हें आत्महत्या की सूचना मिली, तो वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। तब तक जसप्रीत को अस्पताल ले जाया जा चुका था। सुसाइड नोट के मिलने के बाद, पुलिस इस मामले के कारणों को समझने के प्रयास में जुट गई है। अभी मृतक के परिवार से भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि इस घटना की गहराई में जाकर सही कारणों का पता लगाया जा सके।

यह घटना समाज में एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि युवा पीढ़ी मानसिक स्वास्थ्य और विभिन्न प्रकार के दबावों का सामना किस प्रकार कर रही है। जसप्रीत की आत्महत्या ने सभी के दिलों में एक गहरी छाप छोड़ी है और ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन फिलहाल जांच में लगे हुए हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों।