रविवार को पंजाब की सड़कों पर किसानों का विरोध: प्रमुख मार्ग 3 घंटे रहेंगे बंद!

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पंजाब में किसान संगठनों ने 13 अक्टूबर, रविवार को पूरे राज्य में सड़कें बंद करने की घोषणा की है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने यह जानकारी चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि यह जाम तीन घंटे के लिए, यानि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लगाया जाएगा। राजेवाल का कहना है कि फसलों की खरीद का कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है, जिसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति के लिए राज्य और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए, धान की खरीद के मुद्दे को उठाया।

राजेवाल ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने धान की खरीद को लेकर कई आश्वासन दिए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। यदि राज्य सरकार ने धान की खरीद को लेकर तेजी नहीं दिखाई, तो इससे किसानों को काफी नुकसान होगा। इस संदर्भ में, जाम लगाने का यह कदम सरकार को चेताने के लिए उठाया गया है। 13 अक्टूबर को राज्य की प्रमुख सड़कें और हाईवे पूरी तरह से जाम होंगे, जिससे स्थिति की गंभीरता को दर्शाया जाएगा।

किसानों की समस्या को लेकर आगे की रणनीति बनाने के लिए, किसान नेताओं की बैठक 14 अक्टूबर को चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में किसानों के हितों पर चर्चा की जाएगी ताकि उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके। इससे पहले, पंजाब सरकार ने यह दावा किया था कि अब तक राज्य में लगभग 185 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। इन धान की बिक्री से प्राप्त राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई है।

किसान मंत्री कटारूचक ने यह जानकारी भी साझा की कि सरकार ने अब तक किसानों के खातों में लगभग 39,400 करोड़ रुपये पहुंचाए हैं। उनका कहना है कि किसान द्वारा मंडियों में लाए गए धान के हर दाने को खरीदने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में एक प्रभावी व्यवस्था की गई है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के कल्याण में कोई कमी नहीं आने देगी।

किसान संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसान नेता राजेवाल ने कहा कि यदि सरकार ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो आने वाले समय में ऐसी और भी औकातें देखने को मिल सकती हैं। इस प्रकार, पंजाब के किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने और समाधान खोजने की आवश्यकता है, ताकि उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और वे आर्थिक रूप से मजबूत बने रहें।