(अपडेट) सरयू नदी का अचानक बढ़ा जलस्तर, कपड़े धो रही महिला को बहा ले गई तेज बहाव, उत्तर भारत हाइड्रोपावर पर लापरवाही का आरोप
– मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग
बागेश्वर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। कपकोट थाना क्षेत्रांतर्गत सरयू नदी का गुरुवार को अचानक जलस्तर बढ़ने से पानी की तेज बहाव कपड़े धो रही एक महिला को बहा ले गई। फायर विभाग की मदद से पुलिस ने महिला का शव नदी से बाहर निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, परिजनों व स्थानीय लोगों ने उत्तर भारत हाइड्रोपावर पर बांध का पानी छोड़ने में लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही मृतक परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
दरअसल, कपकोट थाना क्षेत्रांतर्गत तिमलाबगड़ निवासी विमला मर्तोलिया (35) पत्नी आनंद मर्तोलिया गुरुवार की सुबह 11.30 बजे सरयू नदी में कपड़े धोने गई थी। उस समय सरयू नदी का जलस्तर काफी कम था। कपड़े धोते समय अचानक सरयू नदी का जलस्तर बढ़ गया और महिला पानी के तेज बहाव में बह गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर फायर विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और चीराबगड़ के पास से महिला को नदी से बाहर निकाला। महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने उत्तर भारत हाइड्रोपावर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी ने कहा कि कंपनी ने बगैर साइरन बजाए बांध का पानी छोड़ दिया, जिससे महिला की मौत हुई है। उन्होंने कंपनी के विरुद्ध हत्या का मुकादमा दर्ज करने व पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
प्रबंधक बोले- यह अनहोनी घटना है, मानवता के नाते कंपनी देगी पांच लाख रुपये सहायता राशि
वहीं उत्तर भारत हाइड्रोपावर कपकोट के प्रबंधक कमलेश जोशी का कहना है कि कंपनी ने पानी छोड़ने से पहले दोनों प्लांटों में साइरन बजाया था। उसके बाद पानी छोड़ा गया। कंपनी की किसी तरह की लापरवाही नहीं है। यह एक अनहोनी घटना है। उन्होंने कहा कि कंपनी मानवता के नाते मृतका के एक बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेगी और मृतक परिवार को पांच लाख रुपये सहायता राशि देगी।