राजस्थान से फरार महिला फाजिल्का में बरामद: श्रीगंगानगर आश्रम से दूध लेने के बहाने निकली

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राजस्थान के तपवन महिला आश्रम से एक महिला के भागने की घटना ने प्रशासन और समाजसेवी संगठनों के बीच चिंता का विषय बना दिया है। इस महिला के लापता होने के बाद, आश्रम के अधिकारियों ने उसकी खोजबीन के लिए प्रयास शुरू किए थे। पिछले एक सप्ताह से अनजान स्थिति में रह रही इस महिला की खोज में जुटी फाजिल्का सिटी पुलिस ने आखिरकार उसे हिरासत में ले लिया। यहां पर उल्लेखनीय है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसने किसी न किसी तरीके से फाजिल्का पहुंच गई थी।

फाजिल्का सिटी थाना के एसएचओ, हरदेव सिंह ने बताया कि उन्हें एक महिला मिली, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत हुआ कि वह मानसिक रूप से ठीक नहीं है। पुलिस ने महिला की वीडियो बनाकर उसे समाजसेवी संगठनों को भेजा। इनमें से एक समाजसेवी ने महिला की पहचान करते हुए बताया कि वह तपवन महिला आश्रम से पिछले एक सप्ताह से लापता थी। इस जानकारी के बाद, स्थानीय समाजसेवी रितिश कुक्कड़ ने पुलिस की मदद से तपवन महिला आश्रम से संपर्क किया, जिसके बाद आश्रम के प्रतिनिधि फाजिल्का सिटी थाने पहुंचे।

महिला आश्रम की अधिकारी संजू चौधरी ने बताया कि यह महिला पिछले एक वर्ष से उनके आश्रम में रह रही थी। मानसिक समस्याओं के कारण, जब भी वह बाहर जाती थी, उसके साथ एक सेवादार होता था। हालांकि, इस बार वह दूध लेने के बहाने अकेले ही निकल गई और वापस नहीं लौटी। संजू चौधरी ने कहा कि जब महिला लापता हो गई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया था। एक हफ्ते बाद पुलिस की मदद से उन्हें महिला मिली, जिससे उनकी चिंताएं दूर हो गई हैं।

फाजिल्का पुलिस की सहायता से, आश्रम के प्रतिनिधियों ने महिला को थाने से पुनः प्राप्त किया और उसे सुरक्षित रूप से वापस तपवन महिला आश्रम ले जाया जा रहा है। यह घटना न केवल महिला की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की आवश्यकता है ताकि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित लोगों की देखभाल ठीक से की जा सके।

इस प्रकार, यह मामला हमें याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को गंभीरता से लेना आवश्यक है। समाज और पुलिस का सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है। आश्रम के अधिकारियों ने इस घटना के बाद और अधिक सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।