IIFA-2024 में करण औजला बने इंटरनेशनल ट्रेंडसेंटर ऑफ ईयर, बोले- बयां नहीं कर सकता!

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पंजाबी संगीत जगत के प्रसिद्ध गायक करण औजला को 2024 में आयोजित आईफा (IIFA) पुरस्कार समारोह में “द इंटरनेशनल ट्रेंडसेटर ऑफ द ईयर” का सम्मान दिया गया है। इस महान पुरस्कार का वितरण बॉलीवुड के मशहूर गायक शंकर महादेवन ने किया। समारोह के दौरान, करण ने जब अपने फेमस गाने “तौबा तौबा” की प्रस्तुति दी, तो उन्होंने पूरे माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। अवार्ड प्राप्त करने के बाद करण ने मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद आश्चर्यजनक था और यह उनके टीम के प्रयासों का फल है। उन्होंने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें यह सम्मान प्राप्त होना एक बड़ी उपलब्धि है और इस पल को शब्दों में नहीं बयां कर पा रहे हैं। अंत में, उन्होंने अपने प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया और कहा कि यदि पंजाबी और कनाडाई फैंस उनका समर्थन ना करते, तो वह इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते।

आईफा समारोह के साथ ही, करण औजला हाल ही में यूके के टूर पर भी रहे थे। इस टूर के दौरान लंदन में एक कॉन्सर्ट के दौरान उनके ऊपर एक दर्शक द्वारा जूता फेंका गया। इस घटना ने काफी सुर्खियाँ बटोरीं, जबकि गायक ने उस व्यक्ति को मंच से ही चेतावनी दी और कहा कि हमें सम्मान और शांति के साथ रहना चाहिए। करण ने अंत में युवाओं से अपील की कि उन्हें ऐसी हरकतें नहीं करनी चाहिए, जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचे।

करण औजला का असली नाम जसकरण सिंह औजला है और उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था। संगीत उद्योग में कदम रखने का श्रेय उन्हें गायक जस्सी गिल को जाता है, जिनके लिए उन्होंने एक लीड गाना लिखा था, जो बहुत हिट हुआ। करण औजला और सिद्धू मूसे वाला के बीच पिछले दिनों विवाद भी छाया रहा है, जिसमें दोनों ने एक दूसरे के गाने पर जवाब दिया। हालांकि, मूसे वाला की दुःखद मृत्यु के बाद, करण ने स्पष्ट किया कि उनके और सिद्धू के बीच कोई कड़वाहट नहीं थी, और दोनों ने फोन पर बात करके मुद्दे का समाधान कर लिया था।

इन घटनाओं के साथ-साथ, करण औजला का संगीत यात्रा दर्शाती है कि कैसे वह अपनी मेहनत और मित्रों के सहयोग से सफल हो रहे हैं। उनकी कहानी न केवल युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाती है कि संघर्ष के बावजूद अपने लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। करण औजला की सफलता की कहानी इस बात का भी प्रमाण है कि सम्मान और मेहनत से ही अपने सपनों को साकार किया जा सकता है।