बिजनौर गुलदारों की बढ़ती संख्या वन विभाग के लिए बनी चुनौती, गुलदार के हमले में सिपाही घायल

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बिजनौर गुलदारों की बढ़ती संख्या वन विभाग के लिए बनी चुनौती, गुलदार के हमले में सिपाही घायल

बिजनौर, 26 सितम्बर (हि.स.)| जनपद में गुलदार का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन जानलेवा हमलों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में दिन ढलते ही सन्नाटा छा जाता है। लोग भय के कारण अपने घरों में कैद होने को मजबूर है। गुलदार के आतंक का अदांज इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले डेढ़ साल के दौरान जनपद में 25 लोग इनके हमले में मारे जा चुके हैं। वहीं घायलों की संख्या भी काफी है। जबकि मवेशियाें के मारे जाने की संख्या सैकड़ों में है। ऐसा ही एक हमला माेटरसाइकिल सवार सिपाही पर हमला की घटना सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक थाना नागंलसोती क्षेत्र के गाँव दुर्गापुर बेड़ा जाते समय पुलिस विभाग में कार्यरत मोटरसाइकिल सवार सिपाही रोहित कुमार जा रहा था। अचानक उस पर एक खूंखार गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया। गुलदार के हमले में घायल सिपाही काे अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।

उधर वन विभाग द्वारा बताया गया कि बीत डेढ़ सालाें से अब तक लगभग 86 गुलदारों को रेस्क्यू किया गया है जिन्हें इटावा सफारी, विभिन्न चिड़ियाघरों, कानपुर, लखनऊ के अलावा वन्य क्षेत्रों में छोड़ा गया है। इस सबके बावजूद इस इलाके में गुलदारों की संख्या पर अकुंश नहीं लग पा रहा है। गुलदारों की निरतंर बढ़ रही संख्या लगातार जिला प्रशासन के लिए सरदर्द बनी हुई है। वन विभाग द्वारा इस विकराल हो रही समस्या से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पिंजरे लगाए गये हैं। वहीं रात्रि में वन विभाग की टीमों को गश्त पर लगाया गया है लेकिन इस इलाके में वन्य क्षेत्र से सटे हाेने के चलते जंगलाें से लगातार गुलदाराें का शिकार के लिए आना व

हमले की घटनाएं दिनाे-दिन तमाम प्रयासाें के बावजूद बढ़ते जा रहे हैं।