मौसम का रेड अलर्ट हुआ वापस, अब होगा कहीं धूप- कहीं छांव, कहीं बारिश का खेल

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मौसम का रेड अलर्ट हुआ वापस, अब होगा कहीं धूप- कहीं छांव, कहीं बारिश का खेल

मुरैना, 14 सितंबर (हि.स.)। मौसम विभाग द्वारा मुरैना जिले में पांच दिन तक बारिश होने के लिये रेड अलर्ट घोषित किया था। लगभग 48 घंटे तक हुई बारिश के बाद आसमान पर बादल तो घने छाये हैं, लेकिन धूप की गर्मी से आम आदमी हलकान हो रहा है। अब मौसम विभाग के अनुसार हल्की-फुल्की वर्षा की संभावना है। शनिवार और रविवार आसमान पर छाये घने बादल कहीं-कहीं बरस सकते हैं। वहीं कहीं तेज धूप का सामना नागरिकों को करना पड़ेगा तो बादलों के कारण छांव के बीच ही समय गुजर सकता है। बीते 40 घंटों से बारिश न होने का प्रभाव जिले के सभी बांधों सहित नदियों में दिखाई दिया है। प्रमुख तीनों बांधों का जल स्तर सामान्य हो गया है। इससे प्रशासन व पुलिस ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी कुछ स्थानों पर रेस्क्यू किया जा रहा है।

बदलते मौसम के कारण आज सुबह चम्बल नदी खतरे के निशान से 6 मीटर नीचे पहुंच गई है। विगत दिवस चम्बल का जल स्तर राजघाट पर 134 मीटर था। चम्बल नदी में खतरे का निशान 138 मीटर पर है। जिले के पहाड़ी व जंगल के क्षेत्र में हुई अत्यधिक वर्षा का प्रभाव मुरैना के पगारा तथा ग्वालियर के तिघरा बांध में देखा गया था। इन बांधों के 6-6 गेट खुलने से मुरैना जिले की आसन व सांक नदियों में सेलाव आ गया था। अब वर्षा न होने के कारण पगारा बांध में पानी की आबक कम तथा निकासी अधिक होने के कारण फुलटेंक लेविल 654 फुट से नीचे आकर 653.2 फुट पर आकर थम गया है। पानी कम होने के कारण पगारा बांध के 5 गेट ऑटोमेटिक बंद हो गये हैं। एक गेट से मात्र 882 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। पगारा से डिस्चार्ज कम होते ही आसन नदी व कोतवाल बांध में असर देखा जा रहा है।

शुक्रवार रात तक कोतवाल बांध के खुले हुये 11 गेट में से शनिवार सुबह 4 गेट बंद कर दिये गये हैं। बांध का जल स्तर फुलटेंक लेविल 552.50 फीट पर पहुंचकर सामान्य हो गया है। इसी तरह ग्वालियर के तिघरा बांध के गेट बंद होने से सांक नदी में पानी कम होता जा रहा है। इसका असर अब पिलुआ बांध में भी दिखाई दिया। पिलुआ बांध का फुलटेंक लेबिल 551.50 हो जाने पर खुले हुये 16 गेट में से 14 गेट बंद कर दिये हैं। अब सिर्फ 2 गेट से ही पानी की निकासी की जा रही है। बांधों का जल स्तर सामान्य होने से जिले की सांक व आसन नदी की स्थिति में भी सुधार आया है। वहीं क्वारी सहित चम्बल का जल स्तर नीचे आ रहा है।

इस संबंध में एडीएम मुरैना सीबी प्रसाद का कहना है कि बीते कुछ घंटों में बारिश न होने के कारण बांध व नदियों में स्थिति सामान्य होने की ओर अग्रसर हो रही है। कुछ स्थानों पर रेस्क्यू किया जा रहा है, वहीं प्राकृतिक आपदा से पीडि़त लोगों के परिजनों को राजस्व विभाग के नियमानुसार सरकार की ओर से उचित सहायता राशि दिलाई जायेगी।

मुरैना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद ठाकुर का कहना है कि बारिश थम जाने से बांधों में पानी की आबक कम हो गई है। जिले के बांधों के खुले हुये गेट अधिकांश संख्या में बंद हो चुके हैं। बांधों पर सुरक्षा की दृष्टि से बल तैनात कर दिया गया है। कैलारस के खेड़ा कलां में लापता लोगों की तलाश के लिये रेस्क्यू किया जा रहा है। पुलिस वर्षा प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाये हुये हैं।

मौसम तकनीकी विशेषज्ञ, राजमाता विजयाराजे सिंधिया, आंचलिक अनुसंधान केन्द्र जिला मुरैना डॉ. हरविंदर सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय मौसम विभाग द्वारा मुरैना जिले के लिये 5 दिन का बारिश हेतु रेडअलर्ट जारी किया था, लेकिन 10 सितंबर की शाम से 12 सितंबर की शाम तक 48 घंटे के दौरान 200 मिमी से अधिक वर्षा हुई थी। अब दो दिन से आसमान पर छाये घने बादलों के कारण कहीं-कहीं तेज धूप व छांव दिखाई दे रही है। अभी आगामी दिवस तक कहीं-कहीं हल्की वर्षा की संभावना है।

हिस/उपेंद्र