मप्र: गांव में सड़क नहीं हाेने से वृद्धा को खाट पर अस्पताल ले जाने की मजबूर ग्रामीण

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मप्र: गांव में सड़क नहीं हाेने से वृद्धा को खाट पर अस्पताल ले जाने की मजबूर ग्रामीण

पन्‍ना, 28 अगस्त (हि.स.)। पन्ना जिले में आज भी कई ऐसे गांव है जहां पर मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी का अभाव है। ऐसा ही एक गांव पन्ना तहसील क्षेत्र खजुरी कुडार क्षेत्र में मजरा कोतवालीपुर एवं कर्रीपुरा में है। जहां पर आज तक सड़क नहीं बन पाई है। इन दोनों बस्तियों को आजादी के 78 सालों बाद भी कोई रास्ता नहीं मिल सका, एक तरफ पन्ना टाइगर रिजर्व बफर जोन का घना जंगल और दूसरी तरफ निजी भूमि लगी हुई है जिससे यहां के लोगों को खेतों की मेड़ से आवागमन करने को मजबूर होना पड़ता है। बीते राेज गोरेलाल बंशकार की मां की तबियत बिगड़ने पर खाट पर लिटा कर लगभग डेढ़ किमी खेतों का रास्ता पार कर मुख्यमार्ग तक जाना पड़ा, जहां से ऑटो से अस्पताल ले जाया गया।

रास्ता नहीं होने से कई लोगों की हो चुकी है मौत

मीरा बाई बंशकार ने बताया कि गांव के लिए कोई रास्ता नहीं है इस लिए खेतों की मेड़ से आवागमन करना पड़ता है। बरसात में खेतों में फसलों की सुरक्षा हेतु बाड़ लग जाने एवं कीचड़ की वजह से आवागमन में कठिनाइयां कई गुना बढ़ जाती हैं। बीमार व्यक्ति या गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ता है क्योंकि यहां एम्बुलेंस, जननी एक्सप्रेस या डायल हंड्रेड जैसे इमरजेंसी वाहन पहुंचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हैं। बरसात में बीमार होने पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने से यहां के कई लोगों की मौत हो चुकी है।

बरसात में स्कूल नहीं जा पाते बच्चे

राम सेवक बंशकार ने बताया कि यहां 5वीं तक स्कूल है आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को इन्हीं खतरे के मार्गों से आवागमन करना पड़ता है। बरसात के 4 माह बच्चे स्कूल नहीं जा पाते और गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी मुश्किलों में पहुंच पाते हैं।

ग्रामीणों की समस्या को नजर अंदाज कर रहे जिम्मेदार

गोरेलाल बंशकार ने बताया कि उसकी मां बीमार है हालत बिगड़ने पर खाट में लिटाकर लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग तक पहुंचा कर किसी वाहन की व्यवस्था से जिला अस्पताल पहुंच कर इलाज करवाएंगे। आगे बताया कि वह कई बार स्थानीय सरपंच, सचिव से लेकर जिला पंचायत सीईओ, कलेक्टर तक फरियाद कर चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ, लोगों की मांग है कि प्रशासन हस्तक्षेप कर रास्ता के लिए जमीन की व्यवस्था कर सड़क का निर्माण कारवाये ताकि यहां के लोगों की समस्या हल हो सके।

इनका कहना है

निजी भूमि होने की वजह से सड़क का निर्माण नहीं करवा पा रहे हैं। इसी वजह से बरसात में कोतवालीपुर और कर्रीपुरा के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। बड़े अधिकारी ही इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।

औतार सिंह गोंड़, सरपंच, प्रतिनिधि ग्राम पंचायत कुड़ार

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