नई दिल्ली, 12 फरवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली बेंच ने भीमा कोरेगांव मामले के आरोपित गौतम नवलखा को बांबे हाईकोर्ट से मिली जमानत पर लगी रोक अगले आदेश तक बढ़ा दी है।
आज सुनवाई के दौरान गौतम नवलखा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि बांबे हाई कोर्ट ने जमानत का आदेश सोच समझकर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के रुख की वजह से आरोपित लगातार जेल में है। सिंघवी की इस दलील का एनआईए की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने विरोध करते हुए गौतम नवलखा की जमानत पर लगी रोक बढ़ाने की मांग की। उसके बाद कोर्ट ने गौतम नवलखा की जमानत पर लगी रोक को मार्च के पहले सप्ताह तक के लिए बढ़ा दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने 08 अप्रैल, 2020 को गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे को सरेंडर करने का आदेश दिया था। 01 जनवरी, 2018 को भीमा-कोरेगांव की दो सौंवीं सालगिरह पर हुए कार्यक्रम में हिंसा हुई थी। उसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस मामले में पुलिस ने 162 लोगों के खिलाफ 58 केस दर्ज किए हैं।