11HREG348 विश्व दृष्टि दिवस पर काशी में आयोजित होंगे विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रम
वाराणसी,11 अक्टूबर (हि.स.)। अक्टूबर माह के दूसरे गुरूवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाएगा। इस बार दिवस की थीम ‘कार्यस्थल पर अपने नेत्रों से प्यार करें’ निर्धारित की गई है। विश्व दृष्टि दिवस की शुरूआत वर्ष 2000 से हुई। इसकी शुरूआत विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ ) ने विभिन्न नेत्र की समस्याओं की रोकथाम और इलाज योग्य दृष्टिविधीनता के नियंत्रण के बारे में सार्वजनिक जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से की थी। इसी क्रम में 12 अक्टूबर को दृष्टिविहीनता पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करने वाली श्रृंखला में 24वां विश्व दृष्टि दिवस मनाया जायेगा।
बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि दिवस पर कंपोजिट विद्यालय महमूरगंज में जन जागरूकता कार्यक्रम किया जायेगा। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नेत्र परीक्षण का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत गठित टीमों के द्वारा विद्यालयों में नेत्र परीक्षण का कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ संजय राय ने बताया कि इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस 2023 का लक्ष्य वर्ष भर चलने वाले इस अभियान में नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों के नेत्र स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को मानक अभ्यास के रूप में अपनाने और नेत्र स्वास्थ्य की मानक आदतों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना है। जिससे लाखों कर्मचारियों की भलाई सुरक्षा और उत्पादकता को लाभ होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी नियोक्ताओं को अपने कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण नेत्र स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए, प्रेरित करने के लिए हो, यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि कारखानों के फर्श से लेकर कार्यालय भवन स्टाफ रूम और स्टूडियो तक सभी के लिए आंखों की देखभाल उपलब्ध, सुलभ और सस्ती हो। कार्यस्थल पर अपनी आंखों से प्यार करें विषय और यह अभियान भी व्यक्तियों को अपनी आंखों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
उन्होंने बताया कि भारत में दृष्टिहीनता का मुख्य कारण मोतियाबिन्द, निकट एवं दूर दृष्टिदोष, ग्लूकोमा, बड़ी उम्र में पर्दे की कमजोरी, डायबिटिक रेटिनोपैथी एवं कार्नियल ओपैसिटी, नेत्र संकमण, कुपोषण आदि है। अधिकतर मामलों में इनसे बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि आंखों की बारीकियों का उपचार दृष्टि को संरक्षित करने और आंखों की रोशनी को दोबारा प्राप्त करने के लिए है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपने कर्मचारियों / श्रमिकों का ध्यान अपनी आंखों की जांच कराने और आंखों की बीमारियों को रोकने और नियंत्रित करने के उपाय करने पर ध्यान केन्द्रित करने का प्रस्ताव है। चिकित्सा से ही ज्योति को बचाया या दोबारा प्राप्त किया जा सकता है। एवं आम जनता में अपने नेत्रों का परीक्षण ही नेत्र ज्योति को बचाने का पहला कदम है।