भारत की आत्मनिर्भरता में उत्प्रेरक के रुप में काम कर रहा ‘नॉक्कार्क’ : एसपी सिंह

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11HREG289 भारत की आत्मनिर्भरता में उत्प्रेरक के रुप में काम कर रहा ‘नॉक्कार्क’ : एसपी सिंह

कानपुर, 11 सितम्बर (हि.स.)। आईआईटी कानपुर का इनक्यूबेटेड स्टार्टअप नॉक्कार्क बराबर नई- नई तकनीकों को इजाद कर रहा है। यह स्टार्टअप भारतीय लघु उद्योग और विकास बैंक (सिडबी) के सहयोग से संचालित हो रहा है और कोविड के दौरान वेंटीलेटर से लेकर सेनिटाइजर और ग्लब्स आदि चिकित्सा सामग्री का निर्माण किया। इस प्रकार कहा जा सकता है कि नॉक्कार्क भारत की आत्मनिर्भरता में उत्प्रेरक के रुप में काम कर रहा है। यह बातें सोमवार को सिडबी के मुख्य महाप्रबंधक एसपी सिंह ने कही।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (आईआईटीके) इनक्यूबेटेड स्टार्टअप नॉक्कार्क जो कि कोविड-19 महामारी के दौरान उससे निपटने के लिए समाधान प्रस्तुत करने में सबसे आगे था, उसने भारतीय लघु उद्योग और विकास बैंक (सिडबी) से पर्याप्त निवेश हासिल किया है। इस पर आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा कि हमारे प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर एसआईआईसी, स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को समृद्ध करने के लिए विभिन्न अनुसंधान और विकास कार्यों की सुविधा के लिए कोविड-19 के चरम के दौरान एक ध्वजवाहक रहे थे। नॉक्कार्क उस डोमेन में एक प्रमुख इनक्यूबेटेड स्टार्टअप रहा है। मेरा मानना है कि सिडबी का यह निवेश स्वास्थ्य देखभाल नवाचारों को और अधिक बढ़ावा देगा, और देश के स्वास्थ देखभाल क्षेत्र को समृद्ध करने में ये स्टार्टअप को महत्वपूर्ण मदद प्रदान करेगा।

बताया कि एसआईआईसी आईआईटी कानपुर के तत्कालीन प्रोफेसर प्रभारी प्रोफेसर अमिताभ बंद्योपाध्याय ने एक पूरी तरह कार्यात्मक कम लागत वाले वेंटिलेटर को केवल 90 दिनों के भीतर विकसित करने वाली टीम का नेतृत्व किया था। आईआईटी कानपुर के सलाहकारों के मार्गदर्शन में परियोजना को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करके नॉक्कार्क टीम सुर्खियों में आई। उन्हें अब महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए जाना जाता हैं। सिडबी के निवेश से उनके मौजूदा परिचालन का विस्तार करने और वैश्विक बाजार के लिए स्मार्ट वेंटिलेटर समाधान विकसित करने में प्रगति करने में मदद मिलेगी।

आईआईटीके के पूर्व छात्र और नॉक्कार्क के सह-संस्थापक निखिल कुरेले ने कहा कि हम न केवल सिडबी की वित्तीय सहायता के लिए बल्कि हम पर उनके भरोसे के लिए भी आभारी हैं। सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस. रमन्न ने कहा कि इस निवेश के माध्यम से हम स्टार्टअप्स के लिए नवाचार के एक नए युग के द्वार खोल रहे हैं। हम ऐसी अभूतपूर्व पहलों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो नये भारत को वैश्विक नवाचार मंच पर आगे बढ़ाएंगे।