10HREG242 काशी सांसद साँस्कृतिक महोत्सव, अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में बही सुर सरिता की धारा
वाराणसी, 10 सितम्बर (हि.स.)। काशी सांसद साँस्कृतिक महोत्सव में अन्तर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में सुर संगीत की दरिया बही। प्रतिभागी विद्यार्थियों ने आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति कर मौजूद लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सारनाथ स्थित केंद्रीय उच्च तिब्बती संस्थान के अतिश सभागार में आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी प्रतियोगिता में तीसरे दिन रविवार को प्रदेश सरकार के मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने प्रतिभागियों का जमकर उत्साह वर्धन किया।
राज्यमंत्री ने कहा कि काशी में गायन, वादन के माध्यम से सम्पूर्ण देश में सम्मान प्राप्त हुआ है। पद्म और भारत रत्न जैसे अनेकों पुरस्कार और सम्मान भी काशी के कलाकारों को प्राप्त हुआ है। राज्यमंत्री ने एक प्रतिभागी के संस्कृत में कजरी गाने पर उसकी सराहना की। विशिष्ट अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कृष्ण तिवारी ने कहा कि य़ह समारोह प्रतिभा और कला की खोज के लिए है। इससे अपनी संस्कृति और मजबूत होगी। विभिन्न संस्कृतियों का समन्वय स्थापित होगा।
प्रतियोगिता में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, बीएचयू, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं केन्द्रीय उच्च तिब्बती संस्थान के दो दर्जन प्रतियोगियों ने कथक, भरत नाट्यम, ओडिसी, गरवा, फोक नृत्य, नुक्कड़ नाटक, लोकनृत्य, तिब्बती नृत्य की प्रस्तुति कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गौरतलब हो कि काशी सांसद साँस्कृतिक महोत्सव के अंतर्गत 01 सितम्बर से 24 सितम्बर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में गायन, वादन, नृत्य विधाओं में प्रतियोगिता हो रही है। तीन चरणों में आयोजन होगा। इसके पहले महोत्सव में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर मां सरस्वती के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ शुभ्रा वर्मा, डॉ अनुराग त्रिपाठी एवं शुचिता शर्मा ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. श्रुति शास्वत उपाध्याय, डॉ अभिजीत चक्रवर्ती, डॉ जिग्मे मिंग्युर, डॉ अमृत रहे।