बड़ौदा यूपी बैंक का प्रबंधन ‘कार्मिक हितों के विरुद्ध कार्य कर रहा: सुधीर कुमार पाण्डेय

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10HREG327 बड़ौदा यूपी बैंक का प्रबंधन ‘कार्मिक हितों के विरुद्ध कार्य कर रहा: सुधीर कुमार पाण्डेय

-बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन एवं बड़ौदा यूपी बैंक वर्कर्स आर्गनाइजेशन के महाअधिवेशन में यूनियन नेता बैंक प्रबंधन के खिलाफ मुखर

वाराणसी, 10 सितम्बर (हि.स.)। बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी संगठन एवं बड़ौदा यूपी बैंक वर्कर्स आर्गनाइजेशन का संयुक्त द्वितीय द्विवार्षिक महाअधिवेशन रविवार को सम्पन्न हो गया। लहरतारा स्थित कबीर प्राकट्य स्थल में आयोजित महाअधिवेशन में जुटे दोनों यूनियन के पदाधिकारी प्रबंधन के खिलाफ मुखर रहे। बैंक के कार्य क्षेत्र में स्थित 30 जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखा चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन पर जोर दिया। तय हुआ कि आंदोलन की शुरुआत 13 सितम्बर को क्षेत्रीय कार्यालयों पर प्रदर्शन से होगी।

25 सितम्बर को प्रधान कार्यालय, गोरखपुर परिसर में धरना होगा। आगामी 03 अक्टूबर को बैंक में सम्पूर्ण हड़ताल रहेगा। अधिवेशन में मिश्रा कमेटी के अनुसार भर्ती और पदोन्नति, 268 शाखाएं बद करने वाली बीसीजी की रिपोर्ट पर रोक लगाने, स्केल 5 के पदों पर ग्रामीण बैंक के अधिकारियों की नियुक्ति की आवाज बुलंद की गई। इसके पहले अधिवेशन के अन्तिम दिन भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम ने बैंक कर्मियों को राष्ट्रवादी संगठन की तरह कार्य करने का आह्वान किया।

संगठन के बांदा इकाई अधिकारी संगठन के अध्यक्ष सुधीर कुमार पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान समय में बड़ौदा यूपी- बैंक का प्रबंधन ‘कार्मिक हितों के विरुद्ध कार्य कर रहा है। बैंक की 268 शाखाओं को बन्द करने का निर्णय लिया है। वहीं, भारत सरकार वित्तीय समावेशन के तहत बैंक की चार शाखाएं खोलना चाहती है, जिससे सभी की वित्तीय आवश्यकता को पूरा जा सके। बैंक प्रबंधन के तानाशाही एवं मनमाने निर्णय के विरुद्ध बड़ौदा यूपी बैंक में कार्यरत संगठनों का ज्वाइंट फोरम बनाया बनाया गया है। अधिवेशन में राजेन्द्र कुमार शर्मा, राहुल, संतोष सिंह आदि यूनियन के नेताओं ने भी विचार रखा।