आर्यसमाज की गतिविधियों को दिया जायेगा नया आयाम : डा. सत्यपाल

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10HREG120 आर्यसमाज की गतिविधियों को दिया जायेगा नया आयाम : डा. सत्यपाल

हरिद्वार,10 सितंबर (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के आवासीय परिसर बड़े परिवार में कुलाधिपति डॉक्टर सतपाल सिंह पत्नी अलका सिंह के साथ आर्य समाज यज्ञ में यजमान के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने आर्य समाज की नवीन यज्ञशाला, आर्य समाज भवन के जीर्णोद्धार की नींव रखी।

कुलाधिपति डॉ. सिंह ने कहा कि ऋषि दयानन्द के 200 साल पूरे होने के साथ समविश्वविद्यालय में आर्यसमाज की गतिविधियों को नया आयाम दिया जायेगा। आर्यसमाज के प्रचार-प्रसार करने वाले युवाओं के ठहरने लिए नवीन भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद महाराज की तपस्थली से वेदों का उदघोष जरूर होना चाहिए। आज यहां पर यज्ञ का आयोजन हुआ इस बात का संदेश भी लोगों तक पहुंचना चाहिए।

यज्ञ की ब्रह्मा डा. अनीता सेंगर ने कहा कि वेद हमारे विज्ञान हैं। वेदों में विज्ञान के सम्पूर्ण आविष्कार को खोजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि यज्ञ प्रकृति साक्षात प्रहरी है। यज्ञ घर-घर होना अत्यन्त आवश्यक है। यज्ञ हमारी आंतरिक शुद्धि करता है। आर्य समाज की पाठशाला में यज्ञ की पहली शिक्षा व दीक्षा दी है। उन्होंने कहा कि यज्ञ हमारे अंदर संस्कार व संस्कृति को भी गढ़ती है। यज्ञ हमारी वायुमण्डल की ओजोन परत को मजबूत बनाती है।

आर्य समाज के अध्यक्ष प्रो. प्रभात कुमार सेंगर ने कहा कि कुलाधिपति डा. सत्यपाल सिंह ने आर्य समाज मन्दिर का भवन व पूर्ण इमारत का संरक्षण करने का आदेश दिया, जिसको दिसम्बर 2023 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इस कार्य को आर्यसमाज की टीम जल्दी ही पूरा कर देगी।

इस अवसर पर प्रो सोमदेव शतान्शु कुलपति, प्रो सुनील कुमार कुलसचिव, प्रो अंबुज शर्मा, आर्य समाज के महामन्त्री प्रो. देवेंद्र सिंह मलिक, रमेश चंद्र, अमित धीमान, डॉ अजय मलिक और दीपक आनंद ने सहभागिता की।