धोखाधड़ी मामले में कारोबारी की याचिका खारिज

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प्रयागराज, 08 सितम्बर (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट से धोखाधड़ी मामले में गुड़गांव के कारोबारी को तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने कारोबारी की याचिका को खारिज कर दिया। कहा कि याचिका में कोई अंतरिम राहत दिए जाने की मांग पोषणीय नहीं है।

यह आदेश न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद ने मोहित कुमार गोयल की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची के अलावा पांच लोगों के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर थाने में आईपीसी की धारा 420, 406, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी।

आरोप था कि उसने शिकायतकर्ता देवेंद्र बंसल और उसकी पत्नी से व्यापार के नाम पर 1.96 करोड़ रुपये लिया लेकिन पैसा वापस नहीं किया। शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी के साथ धोखा किया। याची ने दिल्ली के रोहिणी जिला अदालत से मामले में ट्रांजिट अग्रिम जमानत भी ले रखी थी लेकिन इसके बाद उन्होंने गौतमबुद्ध नगर एसीजेएम द्वितीय की अदालत में अपने खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। लेकिन एसीजेएम कोर्ट से उन्हें राहत नहीं मिली और उनकी रिमांड मंजूर करते हुए बी वारंट जारी कर जेल भेजने का निर्देश दिया। याची के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के सेक्टर 58 में धोखाधड़ी की एक और प्राथमिकी दर्ज है। मामले में एसआईटी जांच कर रही है।

याची की ओर से कहा गया कि वह गौतमबुद्धनगर में कोई कारोबार नहीं करता है। उसका सारा कारोबार गुडग़ांव में हैं। इसलिए यूपी पुलिस को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों के बाद याचिका को खारिज कर दिया। कहा कि याचिका पोषणीय नहीं है।