18HREG190 देश-दुनिया को रोमांचित करेगा रौशनी से चकाचौंध विंध्य काॅरिडोर
– गुलाबी पत्थर की आभा से दमकते विंध्य काॅरिडोर की सुंदरता को लगेगा चार चांद
– विंध्यधाम को 24 घंटे मिलेगी निर्बाध बिजली, 11.38 करोड़ से चाक-चौबंद होगी विद्युत व्यवस्था
– भूमिगत बिछेंगे तार, चार प्रमुख मार्ग पर लगेंगे 400 केवीए के चार ट्रांसफार्मर
मीरजापुर, 18 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट विंध्य काॅरिडोर का निर्माण होने से जगविख्यात विंध्यवासिनी धाम का नव्य-भव्य स्वरूप होगा ही, आकर्षक वि़द्युत लाइट गुलाबी पत्थर की आभा से दमकते विंध्य कारिडोर की सुंदरता को चार चांद लगाएंगी और विंध्यवासिनी धाम जगमगा उठेगा। वहीं रौशनी से चकाचौंध सांझ बेला में श्रद्धालुओं को रोमांचित करेगी। इसके लिए आकर्षक विद्युत पोल लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि विंध्य काॅरिडोर के लिए चार सौ केवीए के चार ट्रांसफार्मर अलग-अलग स्थान पर लगाए जाएंगे। इससे 24 घंटे निर्वाध विद्युत आपूर्ति होगी यानी विंध्यवासिनी धाम बिजली ट्रिपिंग व कटौती की समस्या से मुक्त होगा।
दरअसल, काशी विश्वनाथ की तर्ज पर 331 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन विंध्य काॅरिडोर को चमकाने के लिए 11 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से विद्युत व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि विद्य़ुत व्यवस्था भूमिगत होगी। इससे किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं होगी। विंध्यवासिनी मंदिर तक पहुंचने के चार प्रमुख मार्ग पुरानी वीआईपी, न्यू वीआईपी, कोतवाली गली व पक्का घाट मार्ग पर भूमिगत विद्युत तार बिछाए जाएंगे। वहीं चार सौ केवीए के दो ट्रांसफार्मर पुरानी वीआईपी मार्ग पर नगर पालिका परिषद कार्यालय के पास लगेगा और तीसरा ट्रांसफार्मर बंगाली तिराहा पर सामुदायिक केंद्र के पास लगेगा। चौथा ट्रांसफार्मर बरतर तिराहा स्थित पर्यटन निगम के लाज के पास लगेगा।
विद्युत विभाग की मानें तो विंध्यधाम में विद्युत व्यवस्था बेहतर होगी। इसके लिए सभी तार बदले जाएंगे। अधिकांश विद्युत तार भूमिगत किए जाएंगे। विद्युत वितरण खंड विंध्याचल मंडल के अधीक्षण अभियंता रामबुझारत ने बताया कि विंध्यवासिनी धाम में 11 करोड़ 38 लाख रुपये से विद्युतीकरण किया जाएगा। इससे विंध्याचल मंदिर को निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा सके।