08HNAT42 मप्र में “वत्सल भारत” : केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी करेंगी तीन राज्यों में बाल अधिकारों के लिए काम करने वालों से संवाद
भोपाल, 8 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी रविवार को भोपाल आएंगी। वे यहां भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के रीजनल सिम्पोजियम “वत्सल भारत” कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। ईरानी संगोष्ठी में मुख्यतः बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखने वाले समाज के निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा बीते वर्षों में बनाई गई नीतियों कार्यक्रमों और नवाचारों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगी।
इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शनिवार को राष्ट्रीय बाल आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि भोपाल में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी करेंगी। साथ में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री डॉ. मुंजपरा महेंद्रभाई, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के सचिव इंदीवर पांडेय तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष के नाते मैं स्वयं कार्यक्रम में उपस्थित रहूँगा ।
प्रियंक कानूनगो ने कहा कि देशभर में बाल संरक्षण, बाल सुरक्षा तथा बाल कल्याण विषय पर सात क्षेत्रीय संगोष्ठियों का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसमें से उत्तर भारतीय राज्यों की संगोष्ठी दिल्ली में गत दो जुलाई को संपन्न हो चुकी है। इसी कड़ी में तीन राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के लिए संगोष्ठी का आयोजन आगामी नौ जुलाई को रवींद्र भवन, भोपाल में किया जा रहा है।
इसमें बाल अधिकार आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के अलावा तीनों राज्यों के सभी जिलों की बाल कल्याण समिति, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, जिला बाल विकास अधिकारी समेत एक्टिविस्ट भी शामिल होंगे। सिम्पोजियम में तीनों राज्यों में बच्चों की समस्याओं और उनके समाधान के लिए उठाए कदमों पर चर्चा के साथ अधिकारी और एक्टिविस्ट अपने अनुभव साझा करेंगे। सम्मेलन मुख्य रूप से किशोर न्याय अधिनियम में संशोधन पर केंद्रित रहेगा। गोद लेने की प्रक्रियाओं पर इसके प्रभाव को स्पष्ट किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम बाल संरक्षण, सुरक्षा तथा बाल कल्याण के मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाने और इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए देश भर में आयोजित होने वाली क्षेत्रीय सम्मेलनों की एक श्रृंखला की शुरुआत है। यह भी बताया गया कि विश्व भर में चाइल्ड प्रोटेक्शन के लिए सबसे अच्छा कार्य भारत में हो रहा है। बच्चों को यौन उत्पीड़न तथा उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले अपराधों से बचाने के लिए दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम, 2012 से संबंधित मामलों की त्वरित सुनवाई एवं निपटान के लिए 389 विशेष पॉक्सो अदालतों सहित 1023 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों (एफटीएससी) की शुरुआत की गई है।
बीते नौ वर्षों में सीसीआई की मदद से देश भर में सात लाख बच्चों को सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा देश भर में डीसीपीयू और पुलिस प्रशासन द्वारा इन वर्षों के दौरान लगभग तीन लाख लापता घोषित हो चुके बच्चों को उनके माता-पिता से मिलवाया गया है। वहीं, प्रारंभ में बाल संरक्षण सेवाओं के तहत गैर-संस्थागत बाल देखभाल के लिए 2000 रुपये प्रति माह की पेशकश की गई थी लेकिन अब मिशन वात्सल्य के तहत इस राशि को बढ़ाकर 4000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान प्रियंक कानूनगो के साथ मप्र बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष द्रविड़ मोरे भी मौजूद रहे ।