13HREG2 भारत माता का सम्मान कम नहीं होने देंगे, अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे…
– जिगर मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन
मुरादाबाद, 12 जून (हि.स.)। जिला कृषि विकास सांस्कृतिक एवं औद्योगिक प्रदर्शनी मुरादाबाद के तत्वावधान में सोमवार रात्रि में जिगर मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ जो देर रात्रि तक जारी रहा। कवि सम्मेलन में देश भर के ख्यातिनाम कवियों ने काव्य पाठ किए, अपनी रचनाएं सुनाईं और गजल व हास्य व्यंग्य भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ एमएलसी डॉ जयपाल सिंह ‘व्यस्त’ और समाज कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसके राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में युवा कवि मयंक शर्मा ने सरस्वी वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। प्रख्यात नवगीतकार माहेश्वर तिवारी ने पढ़ा बड़े दिनों के बाद लौटकर घर आना, लगता किसी पेड़ का फूलों, पत्तों, चिड़ियों से भर जाना। वरिष्ठ हास्य व्यंग्य कवि डा. मक्खन मुरादाबादी ने कहा कि वो सबको खुश रखती थी, खुश ही रहती थी। एक नदी बहती थी अब नहीं बहती। मुंबई से आये हास्य कवि मुकेश गौतम ने कहा एक कवि कवयित्री ने आपस में शादी रचाई सुहागरात पर घुंघट उठाते ही दूल्हे ने दुल्हन को छह गजल सुनाईं, फिर दुल्हन ने पांच गीत, चार रुबाई फिर दूल्हे ने अपने तीन गीत सुनाए दुल्हन ने अपने पुराने गीत गुनगुनाए। लखनऊ से आये ओज कवि अभय ‘निर्भीक’ हुंकार भरते हुए कहा भारत माता का हरगिज सम्मान कम नहीं होनें देंगे अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे। बरेली के कवि मध्यम सक्सेना ने पढ़ा जान कहने से कोई जान नहीं होता हैं इश्क में कहले ऐलान नहीं होता हैं। मुंबई से आईं कवयित्री सविता ‘असीम’ ने पढ़ा मन में वृंदावन रहता हैं मन कितना पावन रहता हैं सीने में यादें रहती हैं आंखों में सावन रहता हैं।
इसके अलावा कवि सम्मेलन में लखनऊ के डा. नरेश, फरीदाबाद के दीपक गुप्ता, देहरादून की सविता असीम, प्रयागराज के शैलेश गौतम, बहजोई संभल के सौरभकांत शर्मा, मुरादाबाद के प्रवीण राही, कानपुर के मुकेश श्रीवास्तव, रुद्रपुर के मोहन मुंतजीर, ठाकुरद्वारा मुरादाबाद के शरीफ भारती आदि अनेकों कवियों ने काव्य पाठ किया।