निषाद पार्टी ने कसरवल आंदोलन की आठवीं बरसी स्मृति दिवस के रूप में मनाई, निकाली पदयात्रा

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07HREG417 निषाद पार्टी ने कसरवल आंदोलन की आठवीं बरसी स्मृति दिवस के रूप में मनाई, निकाली पदयात्रा

लखनऊ, 07 जून (हि.स.)। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री (मत्स्य विभाग) डॉ संजय कुमार निषाद ने बुधवार को विभिन्न कार्यक्रमों में शिकरत की। उन्होंने गोमती हैचरी को प्रदेश की प्रथम अत्याधुनिक हैचरी के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया। साथ ही विभागीय योजनाओं की बुकलेट का लोकार्पण भी किया।

डॉ संजय निषाद की मौजूदगी में प्रदेश में चिताला एवं पाब्दा प्रजाति की मछली के विकास के किये राष्ट्रीय मत्स्य अनुवांशिक संधान ब्यूरो एवं मत्स्य विभाग उप्र के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। उन्होंने अपने जन्मोत्सव के अवसर पर गोमती हैचरी में वृक्षारोपण भी किया। इस अवसर पर मत्स्य जीवी सहकारी संघ के अध्यक्ष, उप्र मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव मत्स्य विभाग भी मौजूद रहे।

निषाद पार्टी अध्यक्ष के नेतृत्व में कसरवल आंदोलन की आठवीं बरसी को स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में मॉल एवेन्यू निषाद पार्टी के प्रादेशिक कार्यालय से शांतिपूर्ण पदयात्रा को निकाली। यह यात्रा मॉल एवेन्यू स्तिथ सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास एसीपी और एसीएम को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री योगी को सम्बोधित ज्ञापन और धन्यवाद प्रस्ताव दिया गया।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि मछुआ समाज की एकता और अखंडता का प्रतीक है कसरवल आंदोलन साथ ही पूर्व की सरकार की विफलता और मछुआ विरोधी होने का भी प्रतीक है यह आंदोलन दिवस। उन्होंने कहा कि कसरवल आंदोलन निषाद समाज और उन्हें प्रेरित करता है कि अपने हक-हकूक-अधिकारों के लिए किसी भी परिस्थिति में झुकना नहीं है क्योंकि झुकने से हम कायर और लड़ने से हम शहीद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मछुआ समाज पर आरक्षण की आवाज उठाने को लेकर पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार ने लाठीचार्ज और फायरिंग की थी वो उनका मछुआ समाज विरोधी चेहरे को दर्शाता है।

संजय निषाद ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार आज मछुआ समाज के हित में कार्य कर रही है। उनको विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, चाहे फिर वो प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष, निषादराज बोट योजना, मछुआ दुर्घटना बीमा योजना समेत अन्य योजनाएं प्रदेश में संचालित है, जिससे प्रदेश के मछुआ समाज मे सर्वागीण विकास संभव है।