छह माह में कृषि उत्पाद का दोगुना हुआ जीआई रजिस्टेशन, अधिकृत उपयोगकर्ता बनाने की बनी रणनीति

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06HREG391 छह माह में कृषि उत्पाद का दोगुना हुआ जीआई रजिस्टेशन, अधिकृत उपयोगकर्ता बनाने की बनी रणनीति

लखनऊ, 06 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पंजीकृत भौगोलिक उपदर्शन (ज्योग्राफिकल इंडिकेटर) अर्थात् जीआई उत्पादों के प्रोत्साहन हेतु कार्यशाला का आयोजन, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, निदेशालय, उप्र द्वारा किसान मण्डी भवन सभागार, गोमती नगर लखनऊ में किया गया।

उप निदेशक, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार उ.प्र. डॉ सुग्रीव शुक्ल ने बताया कि भौगोलिक उपदर्शन (जी.आई) दिसम्बर में मात्र छह कृषि उत्पाद ही पंजीकृत थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 13 हो गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भौगोलिक उपदर्शन (जीआई) हेतु कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, निदेशालय, उप्र को नोडल एजेन्सी नामित किया गया है। आगामी समय में कैम्प लगाकर मिशन मोड में जीआई उत्पादों के अधिकृत उपयोगकर्ता बनाने की रणनीति तय की गई।

इसमें मुख्य अतिथि डॉ देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव कृषि, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग, उप्र शासन, विशिष्ट अतिथि पद्म डॉ रजनीकान्त द्विवेदी ऋषिरेन्द्र कुमार विशेष सचिव और निदेशक, कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार विभाग, उप्र शासन अन्जनी कुमार सिंह, मण्डी निदेशक सहित प्रदेश के 13 जीआई पंजीकृत उत्पादों के रजिस्टर्ड प्रोपराइटरी, नाबार्ड, उद्यान, कृषि एवं कृषि विपणन विभाग के अधिकारियों सहित, कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के समस्त जिलों से हितधारकों द्वारा ऑनलाइन भी प्रतिभाग किया गया।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला में कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार, निदेशालय, उप्र द्वारा प्रदेश के 13 कृषि एवं प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों की प्रर्दशनी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री रजनीकान्त द्विवेदी द्वारा कार्यशाला में भौगोलिक उपदर्शन पंजीयन तथा पंजीकृत उत्पादों के अधिकृत उपयोगकर्ता बनाने की प्रक्रिया के समबन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी।