17HREG41 ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद की 31वीं पुण्यतिथि श्रद्धा के साथ गई मनाई
ऋषिकेश, 17 अप्रैल (हि.स.)। श्री गीता आश्रम ऋषिकेश में आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद सरस्वती महाराज की 31वीं पुण्यतिथि श्रद्धा भक्ति के साथ मनाई गयी। इस अवसर पर अनेक संत महापुरुषों एवं विशिष्ट महानुभावों ने ब्रह्मलीन स्वामी वेद व्यासानंद महाराज को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी अपने जीवनकाल में गीता को घर-घर तक पहुंचाने के लिए जहां भारत से नहीं अपितु विदेशों में भी जन जागरण अभियान चलाया वहीं उन्होंने लाखों की संख्या में दिशा प्रचार भी तैयार किए। ये लोग आज गीता के प्रचार प्रसार में जी जान से लगे हैं।
परमार्थ निकेतन के महामंडलेश्वर स्वामी असंगानंद, सरस्वती स्वामी विष्णु चैतन्य, स्वामी अखिल प्रेमानंद आचार्य, राधावल्लभ भागवत कथाकार, लाला इंद्र प्रकाश अग्रवाल, गीता चैतन्य एवं ट्रस्ट अध्यक्ष डॉ दीपक गुप्ता ने महाराज श्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें गीता का महान प्रवक्ता बताया। वक्ताओं ने कहा स्वामी का जीवन ज्ञान भक्ति एवं कर्म से ओतप्रोत भी था। वह गीता के सिद्धांतों का निरंतर प्रचार प्रसार देश विदेश में करते रहे। गीता के प्रचार प्रसार को गीता आश्रम की स्थापना की और वहां से निरंतर गीता ज्ञान का प्रचार किया जा रहा है।
भानु मित्र शर्मा के संचालन में हुए इस कार्यक्रम में देश के अनेक भागों से विशेष भक्तों और स्थानीय अनेक महानुभाव ने भाग लिया। आश्रम में अखंड रामचरितमानस पाठ गीता पाठ और श्रद्धांजलि समारोह हुआ।
इस अवसर पर इंद्र प्रकाश अग्रवाल, शशि पयाल, शकुंतला देवी राजपूत, विनीता नौटियाल, अरविंद नेगी ,डा. भारती गुप्ता, मुनेश त्यागी ,नरेंद्र गुप्ता, राज़ नरेश शर्मा ,गिरीश चंद्र शुक्ल, विनोद कुमार अग्रवाल ,चंद्र मित्र शुक्ल भी उपस्थित थे।