धर्म और अध्यात्म को कुछ लोगों ने बना दिया व्यावसायिक : नलिनानंद महराज

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कानपुर (कान्हापुर), 16 अप्रैल(हि.स.)। कुछ लोगों ने वर्तमान समय में धर्म और अध्यात्म को व्यावसायिक बना दिया है। यह बातें शनिवार देर रात कानपुर के खलासी लाइन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन मौके पर अमेरिका से आए कथावाचक नलिनानंद महाराज ने कही।

उल्लेखनीय है कि शहर के खलासी लाइन स्थित श्री हरिहरनाथ शास्त्री भवन में 8 अप्रैल से भागवत कथा चल रही थी। जिसका समापन शनिवार रात हुआ। नलिनानंद महाराज ने कहा कि आत्मज्ञान जो हमसे हमारा परिचय करा दे। इसे ही अध्यात्म कहते हैं।

मात्र मानव को एक बार अंतर्मुखी होने की आवश्यकता है। कथा के समापन होने के समय महाराज ने बताया कि राजा परीक्षित सर्प दंश के मृत्यु प्राप्त होने और तथापि श्रीमद्भागवत कथा के वचनामृत से अमर बोध प्राप्त कर चुके होने का विस्तार पूर्वक विवरण बताया।

कथा के समापन के दिन कानपुर सिविल सोसाइटी के दीपक मालवीय, डॉ सरस्वती अग्रवाल, डॉ मीनाक्षी व्यास, इंजीनियर योगेश श्रीवास्तव और अजय कुमार मिश्रा ने स्वामी नलिनानंद को माल्यार्पण कर अंग वस्त्र अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से धरमवीर एवं उषा सूद एवं मधु सूद, मनीष गुप्ता, रवि गुप्ता, संजय खरे आदि लोग शामिल है ।