विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने लिया खरगोन जल प्रदाय परियोजना का जायजा

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08HREG355 विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने लिया खरगोन जल प्रदाय परियोजना का जायजा

खरगोन, 8 अप्रैल (हि.स.)। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मप्र अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा विश्व बैंक के सहयोग से जिले में खरगोन जल प्रदाय परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। शनिवार को विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने इस परिजयोजना का जायजा लिया। विश्व बैंक मिशन में टास्क टीम लीडर रघु केशवन, डीएम मोहन व रिद्यीमन साह शामिल रहे।

मिशन द्वारा उमरखली रोड स्थित जल शोधन संयंत्र और कुंदा नदी पर स्थापित इंटैक वेल का निरीक्षण किया। मिशन ने यहां क्षमता, निर्माण गुणवत्ता व सेफगार्ड व्यवस्थाओं का आंकलन किया। जल शोधन संयंत्र परिसर में विश्व बैंक मिशन द्वारा पौधरोपण भी किया गया।

मिशन ने प्रायोगिक परीक्षण के दौरान जल प्रदाय व्यवस्था का जायजा लेने के बाद आम नागरिकों से बात भी की। नागरिकों ने विश्व बैंक के प्रतिनिधियों को बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए टैंकर डलवाने पड़ते थे, लेकिन अब घर बैठे नल से स्वच्छ जल उपलब्ध हो रहा है। मीटरयुक्त नल कनेक्शन व्यवस्था पर खरगोन के नागरिकों ने विश्व बैंक मिशन के समक्ष प्रसन्नता व्यक्त की। विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने भी खरगोन जल प्रदाय परियोजना के कार्यों की सराहना करते हुए संतोष व्यक्त किया।

नगर पालिका अध्यक्ष छाया जोशी, उपाध्यक्ष भोलू कर्मा व पार्षदगणों ने जल प्रदाय परियोजना के तहत रहीमपुरा और जैतापुर क्षेत्र में शीघ्र जल प्रदाय करने का आग्रह किया। इस पर विश्व बैंक के प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही इस क्षेत्र में भी जल प्रदाय प्रारंभ किया जाएगा।

इस अवसर पर मप्र अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी के तकनीकी अधिकारी कमलेश भटनागर, परियोजना प्रबंधक राजेन्द्र कुमार सोलंकी, सहायक परियोजना प्रबंधक रोहित मालवीय, सीडीओ डॉ. बनवारी लाल यादव, मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रियंका पटेल, सहायक यंत्री पल्लवी, पीएमसी टीम लीडर केके श्रीवास्तव, सामुदायिक विशेषज्ञ हेमंत खरे, श्वेता जाधव, पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. राजेश प्रजापति और सुमित राजपुरोहित सहित संविदाकार प्रतिनिधि मौजूद रहे।

गौरतलब है कि खरगोन में 25 हजार से अधिक घरों को नल कनेक्शन दे दिए गए हैं। इस परियोजना की लागत लगभग 114 करोड़ रुपये है।