07HREG353 बालाघाटः एसटीएफ ने पैंगोलिन के साथ चार तस्करों को दबोचा
बालाघाट, 7 अप्रैल (हि.स.)। जबलपुर एसटीएफ की टीम ने ग्राहक बनकर जिले के वारासिवनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मंगेझरी से गुरुवार रात पैंगोलिन की तस्करी करने वाले चार लोगों को पकड़ा है। आरोपितों से पैंगोलिन खरीदने के लिए सात लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय किया गया था। एसटीएफ की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, जबलपुर एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मंगेझरी में एक युवक पैंगोलिन को बेचने की फिराक में घूम रहा है। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने वारासिवनी पहुंचकर वन अमले की मदद से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित की। इसके बाद टीम ने गुरुवार की रात ग्राम मंगेझरी में दबिश देकर आरोपित यशलाल (37) पुत्र हुकुमचंद कटरे निवासी मंगेझरी, राजेश (41) पुत्र बाबूलाल मर्सकोले निवासी मंगेझरी, अनतराम (35) पुत्र रामदास बहेटवार निवासी छोटी कुम्हारी बालाघाट, दिव्याशु (30) पुत्र उदेलाल झरिया निवासी सरेखा बालाघाट को गिरफ्तार किया। एसटीएफ ने उनके पास से एक पैंगोलिन भी बरामद किया है।
बताया जा रहा है कि एसटीएफ की टीम बीते तीन दिनों से वारासिवनी पहुंचकर आरोपितों को पैंगोलिन सहित पकड़ने के लिए उनसे संपर्क में थी और ग्राहक बनकर सौदेबाजी कर रही थी। एसटीएफ का आरोपितों के साथ दूरभाष पर लगभग सात लाख 50 हजार रुपये में सौदा तया हुआ था। तब आरोपितों ने उन्हें मिलने का स्थान बताया और आरोपित उस जगह पर जैसे ही पैंगोलिन को साथ में लेकर पहुंचे, एसटीएफ व वारासिवनी वन अमले की टीम ने उन्हें दबोच लिया। इस पैंगोलिन की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।
कार्रवाई में भवानी बिसेन वनरक्षक, रविंद्र लड़कर, लोकेश टेंभरे, शैलेंद्र जगजीवन, दीपेंद्र सिंह परमार, सुनील मड़ावी, ताराचंद डोंगरे, महेश बिसेन, विनय भवरे, उमेश शुक्ला, राजेंद्र बिसेन सहित अन्य वनकर्मी शामिल रहे।