16HREG500 होली हमारे जीवन में शक्ति और उत्साह लाने में एक अलार्म क्लॉक हैः स्वामीनाथन भाई
-गोमती नगर के चिंतन भवन में होली के आध्यात्मिक पहलू पर हुई चर्चा, ब्रह्माकुमारीज की ओर से किया गया समारोह
लखनऊ, 16 मार्च (हि.स.)। होली का त्योहार मन में उत्साह को पुनः ले आता है। होली जैसे त्योहार हमारे जीवन में शक्ति और उत्साह को एक अलार्म क्लॉक की तरह पुनः स्थापित कर देते हैं। अभी यह हमारे हाथ में है कि हम जल्दी ही, फिर से उसी भय, नफरत, तनाव आदि अज्ञानता की नींद में सो जाएं या हम उसी अच्छी स्थिति में जगे रहे। यह विचार ख्याति प्राप्त मोटिवेशनल स्पीकर स्वामीनाथन भाई ने गोमती नगर स्थित चिंतन भवन में आयोजित होली मिलन समारोह ’होली के रंग खुशियों के संग’ में व्यक्त किए। समारोह का आयोजन ब्रह्माकुमारीज की ओर से किया गया था। समारोह की शुरुआत राधा दीदी ने दीप प्रज्वलन कर की।
स्वामीनाथन भाई ने होली के विभिन्न रंगों की चर्चा करते हुए होली के आध्यात्मिक अर्थ पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारे आज के जीवन में बाह्य परिस्थितियों और लोगों का प्रभाव हम पर कई बार डर, निराशा, गुस्सा, उदासी, तनाव का भाव ले आता है। हिरण्यकश्यप अर्थात् जो सोने से लदा हुआ है। यह प्रतीक है कि आज हमने धन, दौलत, शक्ति और इन्द्रियों से मिलने वाले सुख को जीवन में सबसे महत्वपूर्ण मान लिया है। इनसे भरे होने को ही अपना संस्कार बना लिया है। दूसरी ओर है प्रहलाद अर्थात् प्रभु की औलाद। यद्यपि आज हम अपने अंदर के हिरण्यकश्यप से चारों ओर से घिरे हुए हैं लेकिन हमारे अंदर एक प्यारा सा संस्कार है, प्रभु के बच्चे होने का, जो परमात्मा से बहुत प्यार करता है और हर क्षण उसके पास होना चाहता है।
उन्होंने कहा कि होलिका अर्थात् दूसरे को नीचा दिखाने, बुरा कहने, गिराने का संस्कार होना। हिरण्यकश्यप, प्रहलाद और होलिका यह तीनों प्रतीक हैं, तीन तरह के संस्कारों के जो हम सबके अंदर हैं। होली हमें सिखाती है कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन अपने अंदर के प्रहलाद को जगा कर रखो। परमात्मा पवित्रता, शांति, आनंद, ज्ञान का, प्रेम का सागर है, सर्वशक्तिमान है और मैं आत्मा, परमात्मा का बच्चा हूं तो मैं भी शांत, पवित्र, प्रेम और आनंद स्वरूप हूं।
इस आध्यात्मिक होली मिलन समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव, पर्यटन मुकेश मेश्राम, रवींद्र अग्रवाल एवं रमन भाई सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।