28HREG403 इटावा: डर के साए में पढ़ने को मजबूर है नौनिहाल
इटावा, 28 फरवरी (हि.स.)। सरकार भले ही नौनिहालों के विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन अब भी एक विद्यालय ऐसा है, जहां पर बच्चे डर के साए में अपनी पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
इटावा जनपद के बसरेहर ब्लॉक के हिद्दपूरा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की इमारत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कभी भी गिर सकती है। निहाल बच्चों के अभिभावकों और विद्यालय में पढ़ाने वाले अध्यापकों के जरिए विद्यालय की इमारत के जीर्णोद्धार के कई बार लिखित में मांग करने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। विद्यालय के कमरों की दीवारें चटक चुकी हैं और लेंटर भी झड़कर लगभग आधा खत्म हो चुका है। विद्यालय की इमारत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कभी भी गिरकर बड़े हादसे का शिकार हो सकती है।
विद्यालय में पढ़ने वाली मासूम छात्रा प्राची ने बताया कि हमारा स्कूल बिल्कुल टूट चुका है और सीएम योगी और प्रधानमंत्री से निवेदन करती है कि वह उनका स्कूल नया बनवा दें।
ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में बने प्राथमिक विद्यालय की इमारत बहुत ही जर्जर हालत में है और कभी भी गिरकर हादसे का शिकार हो सकती है उन्होंने कई बार विभाग के अधिकारियों को लिखित में विद्यालय की इमारत को बनवाने की मांग की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे अध्यापक सत्यवीर ने बताया कि उनके विद्यालय की इमारत बहुत ही जर्जर हालत में है और कभी भी गिरकर हादसे का शिकार हो चुकी है विद्यालय में सौ से अधिक बच्चे पढ़कर शिक्षा ग्रहण करते है पढ़ने वाले बच्चों को डर लगता है उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों से विद्यालय की इमारत को बनवाने की मांग की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीण जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय की इमारत बहुत ही जर्जर हालत में है और कभी भी गिरकर हादसे का शिकार हो सकती है लेकिन अधिकारी ग्रामीणों की मांग को नही सुन रहे है।
इस मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने इस मामले पर कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर दिया।