‘नई झूलनी के छैंया बलम दोपहरिया.. निरहुआ ने अपने गानों से श्रोताओं को झुमाया

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26HREG1 ‘नई झूलनी के छैंया बलम दोपहरिया.. निरहुआ ने अपने गानों से श्रोताओं को झुमाया

लखनऊ के अवध शिल्पग्राम चल रहे उत्तर प्रदेश दिवस समारोह की दूसरी रही निरहुआ के नाम

लखनऊ, 25 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश दिवस पर राजधानी लखनऊ में मनाए जा रहे तीन दिवसीय समारोह की दूसरी शाम भोजपुरी सुपरस्टार निरहुआ के नाम रही। अवध शिल्प ग्राम में चल रहे समारोह में जब निरहुआ आए तो सांस्कृतिक पंडाल से लोग निरहुआ-निरहुआ चिल्लाने लगे।

चमकीले नीले सूट में सांसद दिनेशलाल यादव निरहुआ जब मंच से उतरे तो आगाज अपने प्रिय भजन ‘मन की तरंग मन लो बस हो गई, भजन आदत बुरी सुधार लो बस हो गई भजन… से किया। अगला गीत उन्होंने अपनी फिल्म निरहुआ हिंदुस्तानी फिल्म का गाना ‘नई झूलनी के छैंया बलम दोपहरिया… गाया तो लोग झूमने लगे। इसके बाद फिर महिला साथी ने गीत ‘कहे तोसे सजना… गाया। श्रोताओं की फरमाइश पर गीतों का सिलसिला यूं ही आगे चलता रहा।

उनसे पहले मुंबई से आए अयोध्या के दिवाकर द्विवेदी ने बदल के साथ अवधी लोक गायन प्रस्तुत करते हुए शुरुआत मानस की चौपाइयों से की। मीठो मीठो सरजूजी को पानी लागे…. और जब आंगनैया में खेलें चारों भैय्या…. जैसे गीत सुनाए। वयोवृद्ध कलाकार महेंद्रनाथ ने काला नमक चावल पर स्वरचित गीत गाया।