भाजपा कार्यसमिति में अन्त्योदय के साथ सांस्कृतिक उत्थान पर हुई चर्चा

Share

22HREG328 भाजपा कार्यसमिति में अन्त्योदय के साथ सांस्कृतिक उत्थान पर हुई चर्चा

लखनऊ 22 जनवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के द्वितीय सत्र में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह ने राजनैतिक प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव का समर्थन प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत ने एवं अनुमोदन प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश पाल ने किया। प्रदेश कार्यसमिति ने प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया। राजनैतिक प्रस्ताव में अन्त्योदय के साथ सांस्कृतिक उत्थान पर भी चर्चा हुई।

प्रदेश कार्यसमिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल विस्तार पर उनको बधाई दी गयी। इसके अलावा केन्द्र की मोदी सरकार व प्रदेश की योगी सरकार द्वारा धर्म व संस्कृति के साथ आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं क्रियान्वित करने के लिए आभार जताया गया।

राजनैतिक प्रस्ताव में कहा गया कि अन्त्योदय एवं एकात्म मानववाद के साथ ही साथ समरसता, सद्भाव और सुशासन की स्थापना के लक्ष्य की ओर भारतीय जनता पार्टी तेजी से लगातार बढ़ रही है।

सांस्कृतिक उत्थान एवं पर्यटन को प्रोत्साहन

अयोध्या में श्री राम जन्म-भूमि निर्माण का कार्य प्रगति पर है वहीं काशी धाम कोरिडोर बनने और बनारस के घाटों का सौन्दर्यकरण होने से पूरा विश्व आलोकित है। चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र का विकास, नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र का विकास, विन्धयावासिनी धाम का सौन्दर्यकरण, महात्मा बुद्ध की परिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और मथुरा-वृन्दावन में बांके बिहारी कोरिडोर का सुव्यवस्थित विकास होने से श्रद्धालुओं की संख्या में दिनो-दिन वृद्धि हो रही है। ऐतिहासिक, पौराणिक व धार्मिक महत्व के स्थलां का संरक्षण व संवर्द्धन किये जाने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े है और आमजन की आय में भी वृद्धि होने लगी है।

पुरातन संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने का भागीरथी प्रयास काशी तमिल संगमम

वाराणसी में काशी तमिल संगमम कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की दो पुरातन संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने का भागीरथी प्रयास किया है। मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रत्येक भारतीय का मस्तक दुनिया में ऊंचा हुआ है। जी-20, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और शंघाई सहयोग संगठन जैसे अन्तर्राष्ट्रीय मंचों की अध्यक्षता मिलने जैसी उपलब्धियों पर प्रधानमंत्री को प्रदेश कार्यसमिति ने बधाई दी है।

ढांचागत उन्नयन और सहज जनजीवन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में आधारभूत ढांचागत सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है। एक्सप्रेसवे व सड़कों का जाल उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास की लाइफलाइन बन गया है। पांच इन्टरनेशनल एयरपोर्ट समेत कुल 19 स्थानों से हवाई उड़ानां वाला उत्तर प्रदेश अकेला राज्य होगा। प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी में एम0वी0 गंगा विलास रिवर क्रूज का शुभारम्भ करने से जल मार्ग के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना में 46.50 लाख आवासों का निर्माण किया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2.61 करोड़ शौचालय निर्माण के साथ हर घर नल से जल उपलब्ध कराने जैसी परियोजनाएँ आम आदमी को पसन्द आ रही है।

कानून व्यवस्था-अपराधमुक्त प्रदेश

बिना सुरक्षा के विकास संभव नहीं है। प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। भ्रष्टाचार, जातिवाद, सम्प्रदायवाद और भाई-भतीजावाद पर निर्णायक प्रहार किये जाने से आम जनता को अभूतपूर्व राहत मिली है। अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश बनाने के लिए माफिया व अपराधियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी कुल 44 अरब 59 करोड़ रूपये की अवैध सम्पत्ति भी जब्त की गई। जब्त संपत्तियों पर बालिकाओं के लिए कालेज तथा निर्बल वर्ग के आवास बनाये जा रहे हैं। इससे एक बेहतर संदेश गया है।

औद्योगिक क्रांति के नये युग का सूत्रपात

कानून व्यवस्था की बेहतरी के लिए योगी सरकार के मॉडल की सराहना देश ही नहीं विदेशों में भी हो रही है। जिसके चलते उत्तर प्रदेश में विकास और सम्पन्नता का अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है। एक जिला एक उत्पाद अभियान से उत्तर प्रदेश की वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनने लगी है। इससे राज्य के निर्यात में लगभग 80 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है।

कृषि में गुणात्मक सुधार और सम्पन्न अन्नदाता

उत्तर प्रदेश में किसानों को बिजली, पानी, खाद व बीज आदि की उपलब्धता अब सहज है। किसानों को 1.90 लाख करोड़ रूपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। गंगा नदी के तटीय 27 जिलो तथा बुन्देलखण्ड के समस्त जनपदों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2023 को अंतराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

निराश्रित गौवंशों की समस्या से निजात दिलाने के लिए गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुगठित किया जा रहा है। प्रदेश में 9 लाख से अधिक गौवंशो का संरक्षण किया गया है। गौशालाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने व गौ आधारित खेती को बढ़ावा देने के प्रयास भी जारी है।