22HREG99 माया देवी प्रांगण में बगलामुखी, शतचंड़ी यज्ञ और श्रीमद्भागवत का शुभारम्भ
हरिद्वार, 22 जनवरी (हि.स.)। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा स्थित पौराणिक शक्तिपीठ श्री माया देवी मंदिर के प्रांगण में राष्ट्र की खुशहाली, संपन्नता, शांति, सुरक्षा तथा उत्तराखंड में आई दैवीय आपदाओं के निवारण के लिए रविवार को 9 दिवसीय बगलामुखी नव कुंडीय शतचंडी अनुष्ठान व श्री माया श्रीमद् देवी भागवत पुराण प्रारंभ हुआ।
रविवार प्रातः जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत प्रेम गिरी महाराज, महामंडलेश्वर श्रीमहंत रवि गिरी महाराज, माया देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी श्रीमहंत सुरेशानंद गिरी, अंतर्राष्ट्रीय सचिव श्री महंत मोहन भारती ,श्री महंत महेश पुरी, कोठारी महंत महाकाल गिरि, महंत हीरा भारती, महंत केशवगिरी, महंत आदित्य गिरी आदि ने सिद्ध पीठ माया देवी व नगर कोतवाल आनंद भैरव की परंपरागत पूजा अर्चना की। तत्पश्चात मंदिर के प्रांगण में स्थित यज्ञ स्थल में प्रमुख आचार्य पंडित कैलाश पोखरियाल के नेतृत्व में विधिवत अग्नि प्रज्ज्वलित कर नव कुंडीय बगलामुखी शत चंडी अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर श्रीमहंत प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि यह अनुष्ठान सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया के उद्देश्य से राष्ट्र प्रदेश व जनता की सुख समृद्धि व कष्टों के निवारण के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि संतों की जनकल्याण भावना की सनातन परंपरा रही है, उसी परंपरा का निर्वाह करते हुए अनुष्ठान किया जा रहा है।
अनुष्ठान के संयोजक श्री महंत सुरेशानंद सरस्वती ने कहा कि इस अनुष्ठान में कोई भी श्रद्धालु सनातन धर्मी भाग ले सकता है तथा हवन में आहुतियां डाल सकता है। इस अनुष्ठान का उद्देश्य ही सभी के दुखों का निवारण व जनकल्याण है। उन्होंने बताया कि अनुष्ठान के साथ-साथ श्रीमद् देवी भागवत कथा का भी आयोजन किया जा रहा है जिसे महामंडलेश्वर श्रीमहंत रवि गिरी महाराज द्वारा प्रस्तुत किया किया जाएगा।