22HREG105 उत्तराखंड के कलाकारों ने राष्ट्रीय रंगशाला,नई दिल्ली में सांस्कृतिक कार्यक्रम से मन मोहा
देहरादून, 22 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड के कलाकारों की ओर से राज्य की पारंपरिक वेशभूषा में रविवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में 17 राज्यों की झांकी शामिल की गई हैं।
रविवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में हुई प्रेसवार्ता में विभिन्न प्रदेशों और मंत्रालयों की झांकी कलाकारों की ओर से अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की गई।
उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी केएस चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य से 18 कलाकार गणतंत्र दिवस परेड में उत्तराखंड झांकी में भाग ले रहे हैं।
कर्तव्य पथ पर दिखेगी ”मानसखंड” झांकी-
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखंड की ओर से प्रदर्शित की जाने वाली झांकी का विषय “मानसखंड” रखा गया है। गणतंत्र दिवस समारोह पर कर्तव्य पथ उत्तराखंड राज्य की झांकी मार्च पास्ट करते हुए चतुर्थ स्थान पर देखने को मिलेगी। झांकी के अग्र और मध्य भाग में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए हिरन, बारहसिंगा, घुरल, मोर और उत्तराखंड में पाये जाने वाली विभिन्न पक्षियों व झांकी के पृष्ठ भाग में प्रसिद्ध जागेश्वर मन्दिर समूह तथा देवदार के वृक्षों को दिखाया जायेगा। साथ ही उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक कला ‘ऐपण’ का भी झांकी के मॉडल में समावेश किया गया है।
झांकी के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य दल को भी शामिल किया गया है। झांकी का थीम सांग उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित है।
आकर्षण का केन्द्र रहेगी उत्तराखंड की झांकी-
संयुक्त निदेशक केएस चौहान ने कहा कि कर्तव्य पथ पर इस बार उत्तराखंड की झांकी “मानसखंड” सबके लिये आकर्षण का केन्द्र रहेगी। केदारनाथ और बदरीनाथ की तर्ज पर कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसखंड मंदिर माला मिशन योजना पर काम किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर मानसखंड पर आधारित झांकी का प्रदर्शन होगा। देश विदेश के लोग मानसखंड के साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति से भी परिचित होंगे।
केएस चौहान ने कहा कि आध्यात्मिक भूमि उत्तराखंड में जहां एक ओर जीवनदायिनी गंगा, यमुना बहती है और दूसरी ओर चार-धाम पवित्र तीर्थस्थल विद्यमान हैं। उत्तराखंड आध्यात्मिक शांति और योग के लिये अनुकूल धरती है। इसलिए उत्तराखंड को देवभूमि भी कहा जाता है।
उत्तराखंड राज्य की झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवरटाइजिंग प्रा.लि. के निदेशक सिद्धेश्वर कानूगाे की ओर से किया जा रहा है। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस पर उत्तराखंड के लोक कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया जायेगा।