09HREG160 देश को बचाने के लिए नफरत की दीवार तोड़ना आवश्यक – मेघा पाटेकर
-कुशीनगर से रवाना हुई नफरत छोड़ो संविधान बचाओ सद्भावना यात्रा
कुशीनगर, 09 नवम्बर(हि. स.)। महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता मेघा पाटेकर ने कहा कि आज देश का लोकतंत्र और संविधान गहरे संकट में है। देश के हालात ऐसे हैं कि हमें उसे बचाने की नितांत आवश्यकता है। इसे बचाने के लिए अहिंसा ही हमारा अस्त्र है। आज जाति और धर्मांधता को उकसाया जा रहा है। इसके दुःखद परिणाम भी दिखाई पड़ रहे हैं। कहा कि आज काले अंग्रेज सत्ता में बैठे हैं। धर्म व जाति के साथ लिंग भेद की भी बात चल रही है। बलात्कारियों का सम्मान जाति के नाम पर किया जा रहा है। हमें समाज में भेदभाव तोड़ने की हिम्मत लेकर जाना है।
पाटेकर समाजवादी समागम और फैक्टर के तत्वावधान में ”नफरत छोड़ो संविधान बचाओ” पद यात्रा के तहत बुधवार को कुशीनगर से मगहर तक की सद्भावना यात्रा को रवाना करने के पूर्व संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि बुद्ध से कबीर तक जाने के लिए अहिंसा के अतिरिक्त और दूसरा कोई मार्ग नहीं है। नफरत की दीवार तोड़ने के सिवाय देश को बचाने का दूसरा कोई रास्ता नहीं है। जल, जंगल, जमीन को हमें बचाना होगा। नहीं तो कोरोना नहीं दसों अन्य वायरस खड़े हो जाएंगे। आडवाणी, रामदेव, अंबानी को जंगल देने की तैयारी हो रही है। हम चुप नहीं बैठ सकते हैं। शोषण हिंसा से नहीं बल्कि सहिष्णुता से मिटाया जा सकता है। जन शक्ति से ही मानव धर्म बच सकता है। कहा कि शिक्षा में नव ब्राह्मणवाद खड़ा किया जा रहा है। यात्रा के संयोजक प्रो. चितरंजन मिश्र ने यात्रा के औचित्य पर प्रकाश डाला।
पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों से देश को बचाने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यात्रा की सफलता की कामना की। पूर्व मंत्री श्याम रजक, पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, नेतृत्व कर्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता पूर्व मंत्री रामगोविंद चौधरी ने किया। संचालन प्रदीप राव ने किया। इससे पूर्व पाटेकर ने महापरिनिर्वाण मन्दिर में दर्शन पूजन किया।